AAP से गठबंधन पर कांग्रेस में बंटी दो टीमें, राहुल गांधी जल्द ले सकते हैं फैसला

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव से पहले पार्टियों की साठ-गाठ की राजनीति चरम पर है। इसी क्रम में राजधानी दिल्ली से गठबंधन से जुड़ी एक बड़ी खबर आ रही है। दरअसल, आम आदमी पार्टी (आप) से गठबंधन को लेकर कांग्रेस में चल रही खींचतान काफी बढ़ चुकी है। आलम यह है कि दिल्ली कांग्रेस अब इस विषय में दो पक्षों में बंट चुकी है। कांग्रेस पार्टी का एक हिस्सा जहां आप से गठबंधन के पक्ष में हैं, तो वहीं एक हिस्सा इस पर विरोध जता रहा है। संभावना जताई जा रही है कि इस मामले पर पार्टी जल्द ही अंतिम फैसला ले सकती है।
राहुल गांधी सोमवार को कर सकते हैं ऐलान
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को इसी मुद्दे पर दिल्ली के कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक की। इस दौरान राहुल ने AAP से गठबंधन को लेकर स्थानीय नेताओं का मत जानने की कोशिश की। आपको बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सोमवार शाम तक इस पर अपना अंतिम निर्णय सुना सकते हैं। बता दें कि अब तक दिल्ली कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित गठबंधन के विरोध में हैं। दूसरी तरफ पूर्व अध्यक्ष अजय माकन इसके पक्ष में हैं। जानकारी यह भी मिल रही है कि सभी नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को इसके संबंध में अपना पत्र दे दिया है। कहा जा रहा है 5 नेताओं ने गठबंधन का समर्थन किया है, तो वहीं 6 नेताओं ने इसका विरोध किया है।
ये नेता हैं गठबंधन के पक्ष में
पूर्व अध्यक्ष अजय माकन के अलावा प्रभारी पीसी चाको, सह प्रभारी कुलजीत नागरा, अरविंदर सिंह लवली, सुभाष चोपड़ा, ताजदार बाबर भी AAP के साथ गठबंधन के पक्ष में हैं। यही नहीं दिल्ली प्रदेश के 14 जिलों के अध्यक्ष, तीनों एमसीडी के नेता भी चाहते हैं कि पार्टी आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन करे।
शीला दीक्षित समेत इनको है गठबंधन से इनकार
दूसरी ओर प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित के साथ-साथ कार्यकारी अध्यक्ष हारून युसुफ, राजेश लिलोठिया, देवेंद्र यादव, जेपी अग्रवाल, योगानंद शास्त्री गठबंधन के खिलाफ हैं। आपको याद दिला दें कि AAP की ओर से कई बार कांग्रेस के साथ गठबंधन की बात कही चुकी है। खुद AAP के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कई सार्वजनिक मंचों से गठबंधन की बात कही है। केजरीवाल ने कहा है कि अगर दिल्ली में भाजपा को हराना है तो कांग्रेस-AAP का गठबंधन होना जरूरी है। हालांकि, अभी तक उनकी इस मांग पर कांग्रेस की ओर से नकरात्मक प्रतिक्रिया ही मिली है।