2014 के 5 बड़े वादे, 2019 में फिर उसका ‘संकल्प’, अब होंगे पूरे या  2024 में भी बनेंगे ‘विकल्प’?

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 2019 लोकसभा चुनाव के लिए अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है। इस बार पार्टी ने अपने संकल्प पत्र में 75 संकल्पों को जगह दी है, जिसे 2024 तक पूरा करने का वादा किया है। भाजपा ने साल 2014 में 346 ‘संकल्प’ लिए, जिनमें कई पूरे हुए तो कई अब भी अधूरे हैं। इस साल पार्टी ने कुछ अलग करने की भी अपनी मंशा साफ कर दी है। तभी तो संकल्प पत्र का नाम ‘संकल्पित भारत, सशक्त भारत’ दिया है। लेकिन, कुछ वादे जस के तस बने हुए हैं। साल 2014 में भी भाजपा ने इन वादों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की थी। वहीं, 2019 में भी एक बार फिर उसे पूरा करने का ‘संकल्प’ लिया गया है। आइए, जानते हैं उन पांच बड़े वादों के बारे में…
 पहला वादा – राष्ट्र प्रथम
2014 लोकसभा चुनाव में मोदी लहर थी, तो भाजपा ने नारा दिया ‘अबकी बार मोदी सरकार’। नारा कामयाब हुआ तो पार्टी ने संकल्प पत्र में वादों की झड़ी लगा दी। जनता से कुल 346 वादे किए गए, लेकिन सबसे बडा़ वादा राष्ट्र प्रथम था। भाजपा का कहना था कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो आतंकवाद, चरमपंथ, उग्रवाद, और अपराध को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कुछ हुई, लेकिन यह वादा अधूरा रह गया। लिहाजा, पार्टी ने एक बार फिर 2019 में इस आवाज को बुलंद करते हुए इनके खिलाफ कार्रवाई करने का वादा किया है।
दूसरा वादा- एक देश, एक चुनाव
भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में वादा किया था कि सत्ता में आने पर वह विधानसभाओं और लोकसभा के चुनाव एक साथ कराएगी। लेकिन, इस वादे पर मोदी सरकार कदम नहीं बढ़ा सकी और पूरी तरह असफल रही। पार्टी ने इस वादे को 2019 में भी दोहराया है।
तीसरा वादा- राम मंदिर निर्माण
2014 लोकसभा चुनाव में राम मंदिर का मुद्दा जोर-शोर से उठा था। पीएम मोदी से लेकर पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं ने प्रचार-प्रसार के दौरान राम मंदिर निर्माण का मुद्दा उठाया। संकल्प पत्र में भी इसका वादा किया गया। लेकिन, अब तक यह मामला अधर में लटका हुआ है। पार्टी ने एक बार फिर जोर-शोर से इस मद्दे को उठाते हुए इसे संकल्प पत्र में शामिल किया है।
चौथा वादा- धारा 370
2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने अपने घोषणापत्र में साफ तौर पर कहा था कि जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाली धारा 370 को हटाने के अपने दृष्टिकोण पर पार्टी कायम है और रहेगी। लेकिन, मोदी सरकार ने अपने पांच साल में इस वादे पर किसी तरह का कोई कदम नहीं बढ़ाया। जम्मू-कश्मीर में न तो धारा 370 हटाई गई और न ही कश्मीरी ब्राह्मणों को वापस बसाया गया है। इस मुद्दे को फिर भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में शामिल किया है। इसके अलावा आर्टिकल 35-A को भी घोषणा पत्र में शामिल किया गया है।
पांचवां वादा- शिक्षा और कौशल विकास
भाजपा ने 2014 में शिक्षा और कौशल विकास का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया था। भाजपा का कहना था कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो सबको शिक्षा मिलेगी। पार्टी ने पढ़ो और आगे बढ़ो का नारा दिया था। रोजगारपरक शिक्षण का भी वादा किया गया था। लेकिन, यह वादा भी सही से पूरा नहीं हो सका। इस बार फिर पार्टी ने सबके लिए शिक्षा और कौशल विकास का वादा किया है।
भाजपा के यह पांच वादे 2014 से 2019 में पहुंच गए हैं। इन वादों में से कुछ पर काम हुआ, तो कुछ अब भी अपने पर काम शुरू होने की बाट जोह रहे हैं। सरकार के पांच साल पूरे हो गए हैं और अगामी 23 मई को नई सरकार देश में दस्तक दे देगी। लेकिन, सवाल यह है कि अगर देश में फिर मोदी की सरकार बनती है, तो क्या इन वादों को गति मिलेगी या फिर बन जाएगी 2024 का ‘विकल्प।