1984 दंगे वाले बयान पर सैम पित्रोदा ने मांगी माफी, राहुल गांधी बोले- जो बेहद दुखद था

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव ( Lok Sabha Election 2019 ) के छठे चरण से ठीक पहले 1984 सिख दंगों ( 1984 Anti Sikh Riots ) पर विवाद बढ़ने लगा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( Narendra Modi ) की ओर से दंगे का जिक्र करने के बाद कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा ( Sam Pitroda ) के बयान ने खलबली मचा दी है। सैम का दंगों को ‘हुआ तो हुआ’ कहने के बाद चुनावी मौसम में कांग्रेस पार्टी ( congress party ) ही घिर गई। वहीं फटकार मिलने के बाद सैम ने विवाद का ठिकरा कमजोर हिंदी पर फोड़ा है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि सैम ने जो कुछ भी कहा वह दुर्भाग्यपूर्ण है इसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए।
1984 एक त्रासदी थी: राहुल
राहुल गांधी ने एक फेसबुक पोस्ट लिखकर इस पूरे मामले पर अपने विचार रखे हैं। उन्होंने लिखा कि मुझे लगता है कि सैम पित्रोदा जी ने जो कहा है वह पूरी तरह से दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। मुझे लगता है कि 1984 एक त्रासदी थी, जो बेहद दुखद था। इसकी वजह से बहुत से लोगों को अपनी जान देनी पड़ी थी।

हम किसी भी हिंसा का समर्थन नहीं करते: कांग्रेस
सैम की टिप्पणी पर विवाद होने के बाद कांग्रेस ने बकायदा एक लिखित बयान जारी कर खुद को इससे अगल कर लिया है। कांग्रेस ने कहा है कि हम किसी भी व्यक्ति, जाति, रंग, क्षेत्र या धर्म के आधार पर लोगों के समूह के खिलाफ किसी भी प्रकार की हिंसा के खिलाफ हैं। यही भारत का सार है। हम 1984 के सिख दंगा पीड़ितों के लिए न्याय का समर्थन करते हैं। सैम पित्रोदा समेत किसी भी नेता का इसके खिलाफ दिया गया बयान कांग्रेस पार्टी की राय नहीं है।
1984 सिख दंगा: सैम के बयान पर अमरिंदर ने दी नसीहत तो सिंघवी ने किया किनारा
सिख और गुजरात दंगा पीड़ितों को न्याय मिले: कांग्रेस
सिख दंगे का जिक्र करते हुए कांग्रेस ने अपने बयान में कहा है कि हमारा मानना है कि 1984 के दंगों के पीड़ितों और 2002 के गुजरात दंगों के पीड़ितों को भी न्याय मिलना चाहिए। हमने अपने नेताओं से संवेदनशील और संभलकर बयान देने की अपील की है।

Congress: We believe that justice should be done to 1984 riots victims as also to 2002 Gujarat riots victims. We abhor violence of any kind, against any person or a group of people based on their caste, colour, region or religion. This is the essence of India. https://t.co/6GAfjnEqS7— ANI (@ANI) May 10, 2019

Sam Pitroda, Congress: What I meant was move on. We have other issues to discuss as to what BJP govt did and what it delivered. I feel sorry that my remark was misrepresented, I apologise. This has been blown out of proportion. https://t.co/PV5Im5hzce— ANI (@ANI) May 10, 2019

फटकार के बाद बदले सैम के सुर
कांग्रेस से बयान जारी होने के बाद सैम पित्रोदा ने 84 दंगों को लेकर दिए अपने बयान पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि मैं जो बयान दिया था उसे पूरी तरह तोड़ मरोड़कर पेश किया गया क्‍योंकि मेरी हिंदी ठीक नहीं है। मेरे कहने का मतलब था जो हुआ वो बुरा हुआ। मैं अपने दिमाग में ‘बुरा’ का अनुवाद नहीं कर पाया। 
हिमाचल में बोले PM मोदी- नामदारों की वजह से हुआ 1984 का सिख दंगा
सैम पित्रोदा के इस बयान पर हुआ विवाद
बता दें कि कांग्रेस ओवरसीज के चेयरमैन सैम पित्रोदा ने गुरुवार को कहा था,’ मैं इसके बारे में नहीं सोचता, यह भी एक और झूठ है. 1984 की बारे में अब क्या? आपने पिछले 5 साल में क्या किया। 84 में हुआ तो हुआ। आपने क्या किया?’
Indian Politics से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter पर ..