हम पान की दुकान पर रुकते हैं तो इतनी भीड़ जुट जाती है, जितनी मोदी और नीतीश की रैली में आई- लालू यादव

नई दिल्ली: बिहार की राजधानी पटना में एनडीए की विजय संकल्प रैली में जुटी भीड़ पर राजद अध्यक्ष लालू यादव ने चुटकी ली है। लालू यादव ने कहा कि हम इतनी भीड़ तो वहां जुटा देते हैं जहां पान खाने के लिए दुकान पर रुक जाते हैं।लालू यादव के ट्विटर अकाउंट पर लिखा गया कि मोदी, नीतीश और पासवान ने सरकारी तंत्र का इस्तेमाल कर गांधी मैदान में जितनी भीड़ जुटाई है उतनी भीड़ तो वहां हो जाती है जब वो पान खाने के लिए गुमटी पर अपनी गाड़ी रोक देते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि ‘जाओ रे मर्दों, और जतन करो, कैमरा थोड़ा और ज़ूम करवाओ’।लालू यादव ने अपने अंदाज में एनडीए नेताओं को कहा कि जाओ भीड़ पर कैमरा थोड़ा और जूम करवाओ।

नरेंद्र मोदी, नीतीश और पासवान जी ने महीनों ज़ोर लगा सरकारी तंत्र का उपयोग कर गांधी मैदान में उतनी भीड़ जुटाई है जितनी हम पान खाने अगर पान की गुमटी पर गाड़ी रोक देते है तो इकट्ठा हो जाती है।जाओ रे मर्दों, और जतन करो, कैमरा थोड़ा और ज़ूम करवाओ।— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) March 3, 2019

पीएम मोदी पर लालू यादव का तंज
लालू यादव यही नहीं रुके उन्होंने दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा कि बिहार की महान न्यायप्रिय धरा ने औक़ात दिखा दिया। योजनाएं विफल होने की बौखलाहट में आदमी कुछ भी झूठ बोल सकता है। जुमले फेंक सकता है। बिहार में संभावित हार की घबहराहट से आत्मविश्वास इतना कमजोर हो गया है कि अब हिंदी भी ”स्पीच टेलीप्रॉम्‍प्‍टर में देखकर बोलना पड़ रहा है।
 

बिहार की महान न्यायप्रिय धरा ने औक़ात दिखा दिया। योजना फ़ेल होने की बौखलाहट में आदमी कुछ भी झूठ बक सकता है। जुमले फेंक सकता है।बिहार में संभावित हार की घबहराहट से आत्मविश्वास इतना हिला हुआ है कि अब हिंदी भी ”स्पीच टेलीप्रॉम्‍प्‍टर में देखकर बोलना पड़ रहा है। #BiharRejectsModi— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) March 3, 2019

विपक्ष पर पीएम मोदी का हमला
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने संकल्प रैली के तहत विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा कि नए भारत में दुश्मन से चुन-चुन कर बदला लिया जाता है। विपक्षी दलों पर तंज कसते हुए पीएम ने कहा कि इनकी प्रवृत्ति अपना विकास करने की है, देश का विकास उनके एजेंडे में नहीं है। उन्होंने कहा आज सेना आतंक का सिर कुचलने में जुटी हुई है। फिर वो चाहे देश के भीतर हो या बाहर। ऐसे में कुछ लोग अपने देश में रहकर ही अपनी ही सेना का मनोबल गिराने में लगे हैं। इसका परिणाम यह है कि दुश्मन को मुस्कुराने का मौका मिल रहा है। लेकिन अब भारत पहले वाला भारत नहीं रहा, इस भारत में दुश्मन से चुन-चुन कर बदला लिया जाता है।