सुशील मोदी का कांग्रेस-RJD पर आरोप, ‘इनके राज में बाढ़ और सूखा पीड़ितों को नहीं मिलती थी मदद’

नई दिल्ली। बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि RJD और कांग्रेस के जमाने में बाढ़ और सूखे की राहत कागज तक सिमट कर रह जाती थी। पीड़ित किसान राहत मिलने की आस में टकटकी लगाए रह जाते थे। सुशील मोदी ने दावा किया कि बाढ़ आने के तीन महीने बाद लाभार्थियों की सूची तैयार की जाती थी और पांच-दस किलो अनाज बंटते-बंटते फिर से बाढ़ आ जाती थी।
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14 लाख से ज्यादा किसानों की मदद की
शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सुशील मोदी ने आरोप लगाया कि उनके शासनकाल में सूखा पीड़ितों को राहत देने की कभी कोई परिपाटी ही नहीं थी। मोदी ने कहा, ‘NDA की सरकार ने इस साल अल्पवर्षा और सूखे की स्थिति के मद्देनजर 25 जिले के 280 प्रखंडों को सूखाग्रस्त घोषित कर 14 लाख से ज्यादा किसानों की मदद की। उन्हें 913.92 करोड़ रुपये की मदद उपलब्ध कराई है।’ उन्होंने दावा किया कि सूखाग्रस्त किसानों को सिंचित क्षेत्र के लिए अधिकतम दो हेक्टेयर के लिए 27,000 रुपये और असिंचित क्षेत्र के लिए 13,600 रुपये की सहायता राशि दी गई है। इसी प्रकार 2017 में आई अचानक बाढ़ के बाद 38 लाख से अधिक पीड़ित परिवारों के बैंक खाते में 6-6 हजार रुपये की दर से 2,290 करोड़ रुपये की तत्काल मदद देने के साथ ही बाढ़ राहत के कार्यो पर सरकार ने 4,188 करोड़ रुपये खर्च किया।
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RJD-कांग्रेस का विकास पर चर्चा करने से परहेज
मोदी ने आगे कहा, ‘यही कारण है कि किसानों-गरीबों को बरगला कर वोट लेने वाले RJD, कांग्रेस विकास पर चर्चा करने से परहेज कर रही है। बिहार की जनता अच्छी तरह जानती है कि राज्य और केंद्र की NDA सरकार चतुर्दिक विकास के साथ ही आपदा के समय भी पूरी मुस्तैदी से उनके साथ खड़ी रहने वाली है।’