सुप्रीम कोर्ट का आदेश- हर विधानसभा के 5 बूथों पर VVPAT का सत्यापन, लोकसभा चुनाव के नतीजों में हो सकती है देरी

नई दिल्ली। लोकतंत्र के सबसे बड़े मुकाबले यानि की लोकसभा चुनाव ( Loksabha elections 2019 ) का काउंटडाउन खत्म होने में अब बेहद कम समय बचा है। महज तीन दिन में पहले चरण का मतदान होना है। इससे पहले ही चुनाव के परिणामों को लेकर एक बड़ी खबर आ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में लोकसभा चुनाव के नतीजों में देरी होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसा वीवीपैट ( VVPAT ) की पर्चियों के सत्यापन की संख्या में बढ़ोतरी करने के कारण हो सकता है।
टल सकती है नतीजों के घोषणा की तारीख
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने मतगणना के लिए VVPAT परीक्षण की संख्या को पहले से अधिक करने का आदेश दिया है। SC के नए आदेश के मुताबिक अब एक लोकसभा सीट की प्रत्येक विधानसभा सीट के 5 बूथ पर वीवीपैट पर्चियों की गिनती की जाएगी। उदाहरण के तौर पर अगर एक लोकसभा सीट के अंतर्गत 7 विधानसभा हैं, तो 35 बूथ पर VVPAT की गिनती की जाएगी। इस तरह से पांच गुना अधिक गिनती करनी पड़ेगी। ऐसे में नतीजों की घोषणा 23 मई से आगे टाली जा सकती है। आपको बता दें कि इससे पहले एक लोकसभा सीट एक लोकसभा सीट की एक विधानसभा पर एक ही बूथ की वीवीपैट पर्चियों का मिलान किए जाने का निर्देश था।
जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता में हुई सुनवाई
मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। जस्टिस गोगोई ने कहा, ‘एक निर्वाचन क्षेत्र से एक की बजाए पांच ईवीएम ( EVM ) के चुनाव से इसकी प्रमाणिकता, चुनाव प्रक्रिया को लेकर विश्वास न केवल राजनीतिक पार्टियों को बल्कि गरीब लोगों के मन में भी सुनिश्चित हो जाएगा।’
विपक्ष की मांग
गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में 21 विपक्षी पार्टियों ने SC में इससे संबंधित याचिका दाखिल की थी। विपक्षियों की ओर से मांग की जा रही है कि लोकसभा चुनाव के दौरान VVPAT की 50 फीसदी पर्चियों का सत्यापन किया जाए। इस मामले में बीते शनिवार सुनवाई की गई थी।