सिर में 6 टाके लगने के 24 घंटे बाद ही चुनावी सभा करने लगे शशि थरूर, राहुल गांधी ने साहस को किया सलाम

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और तिरुअनंतपुरम से सांसद शशि थरूर 15 अप्रैल को मंदिर में पूजा करने के दौरान जख्मी हो गए थे। सिर में चोट लगने से उन्हें 6 टांके लगे हैं। डॉक्टरों ने उन्हें आरम की सलाह दी थी। लेकिन पार्टी को चुनाव में जीत दिलाने के लिए सिर पर पट्टी बांधे वो अगले ही दिन यानी मंगलवार को चुनाव प्रचार में पहुंच गए। अपने नेता को चुनाव सभा में देख राहुल गांधी ने उनके साहस की प्रशंसा की। राहुल गांधी ने यहां एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि थरूर के चोटिल होने के बारे में जानकर चिंता हुई। लेकिन अगले ही दिन उन्होंने सिर पर पट्टी बांधकर चुनावी माहौल में आ गए। वह बेहद चौंकाने वाला था। थरूर के साहस की प्रशंसा करते हुए राहुल ने कहा कि ‘‘थरूर जब घायल हुए तो मैं काफी घबरा गया था। लेकिन यह देखकर खुश हूं कि वह फिर से प्रचार करने आ गए। यह आपके साहस को दिखाता है। कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में मैं आपसे कहता हूं कि संसद में उन्होंने आपका बढ़िया प्रतिनिधित्व किया। संसद में वह आपके लिए बोलते हैं। वह केरल की धरोहर हैं।’
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गिरा जो मैं, उठाने देश की आवाम आ गईदुआ का शुक्रिया लोगो, दुआएं काम आ गई. pic.twitter.com/JTVEKySLGL— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) April 16, 2019

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तुलाभरम पूजा के दौरान जख्मी हुए थे थरूर
गौरतलब है कि शशि थरूर सोमवार सुबह मंदिर में ‘तुलाभरम’ पूजा के दौरान तराजू के लोहे का हुक उनके सिर पर गिर गया जिसमें वह बुरी तरह जख्मी हो गए। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्हें 6 टांके लगे। बता दें कि केरल में तुलाभरम पूजा होती है। इसमें अपने वजन के हिसाब से चढ़ावा चढ़ाया जाता है।
निर्मला सीतारमण ने अस्पताल पहुंचकर की मुलाकात
बता दें कि 16 अप्रैल को निर्मला सीतारमण ने शशि थरूर से अस्पताल में मिलने पहुंची थीं और हालचाल जाना था। जिसके बाद शशि थरूर ने इस मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि ‘केरल में व्यस्त चुनावी माहौल के बावजूद रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण मेरा हाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचीं। भारत की राजनीति में इस तरह की शिष्टता एक बहुत ही दुर्लभ गुण है और उन्होंने इसका एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है।