सियासी दलों पर EC सख्त, कहा- प्रचार अभियान में रक्षा बलों के इस्तेमाल से बाज आएं पार्टियां

नई दिल्ली। आम चुनाव के लिए रणभेरी बजने के साथ ही सियासी दल अपने-अपने प्रचार अभियान में जुट गए हैं। लिहाजा राजनीतिक दल हर उस तरीके को आजमा रहे हैं, जिससे मतदाताओं को अपने पक्ष में किया जा सके। हालांकि राजनीतिक दलों के हर उस प्रचार के गतिविधियों पर चुनाव आयोग की पैनी नजर है, जिसके जरिए मतदाताओं को भ्रमित करने का प्रयास किया जा सकता है, या फिर ऐसे किसी प्रचार सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा हो जिसका प्रयोग करने की मनाही है। इसी कड़ी में एक बार फिर से निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को निर्देश दिया कि वे किसी राजनीतिक प्रोपोगंडा में संलिप्त होने से बाज आएं और प्रचार में रक्षा बलों की गतिविधियों का इस्तेमाल न करें। यह परामर्श सभी राजनीतिक दलों के अध्यक्षों को ऐसे समय में जारी किया गया है, जब निर्वाचन आयोग ने एक सप्ताह पहले यानी पिछले बुधवार को दिल्ली के भाजपा विधायक ओम प्रकाश शर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। शर्मा ने भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान के साथ अपना एक चित्र फेसबुक पर पोस्ट किया था। अरुणाचल प्रदेश: आम चुनाव से ठीक पहले BJP को बड़ा झटका, मंत्री समेत 14 विधायक पार्टी छोड़ NPP में शामिल
9 मार्च को भी चुनाव आयोग ने दिया था निर्देश
आपको बता दें कि चुनाव आयोग ने अपने परामर्श में ये कहा है कि राजनीति दलों/उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है, वे अपने चुनाव अभियान में इस तरह का कोई राजनीतिक प्रोपोगंडा शामिल करने से बाज आएं, जिसमें रक्षा बलों की गतिविधियों का जिक्र हो। बता दें कि इससे पहले निर्वाचन आयोग ने इसके पहले नौ मार्च को एक अन्य परामर्श में राजनीतिक पार्टियों को निर्देश दिया था कि वे अपने उम्मीदवार को सलाह दें कि वे रक्षा बलों के छायाचित्र या रक्षा बलों के कार्यक्रमों के छायाचित्र का इस्तेमाल अपने चुनाव प्रचार के विज्ञापनों में न करें।
 
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