सहयोगी दल को नहीं पसंद भाजपा का घोषणा पत्र, कुछ वादों पर असहमित से रास्ते जुदा

नई दिल्ली। अगामी लोकसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपना संकल्प पत्र जारी किया। इस बार पार्टी ने संकल्प पत्र का नाम ‘संकल्पित भारत, सशक्त भारत ‘दिया है। मुख्य वादों में राम मंदिर , अनुच्छेद 370 और 35 A पार्टी ने जोर दिया है। घोषणापत्र में कहा गया है कि ‘राष्ट्रवाद के प्रति हमारी पूरी प्रतिबद्धता है’। भाजपा के इस घोषणा पत्र पर सहोयगी दल जदयू ने प्रतिक्रिया दी है। जेडीयू के महासिचव केसी त्यागी ने कहा कि भाजपा का घोषणा पत्र और जेडीयू का घोषणा पत्र अलग है।
कुछ मद्दों पर भाजपा और जेडीयू के बीच असहमति
केसी त्यागी ने कहा कि राम मंदिर और अनुच्छेद 370 और 35 A पर भाजपा से हमारी असहमति है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण हम संविधान के दायरे में और आपसी सहमति से चाहते हैं। उन्होंन कहा कि हम परिवारवाद और जातिवाद की राजनीति के पक्षधर नहीं हैं। हम भ्रष्टाचार में संलिप्त व्यक्ति के उच्च पदों पर होने के विरोधी हैं। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए को एक और अवसर मिलना चाहिए। लेकिन, कुछ मुद्दों पर हमारी राहें जुदा हैं।
 सत्ता में आने पर क्या करेगी भाजपा?
वहीं, जेडीयू प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा कि धारा 370 को लेकर बीजेपी जदयू से असहमत है। ये भाजपा का पुराना स्टैंड है और हर पार्टी को अपना स्टैंड रखने का हक है। भाजपा को इस मुद्दे पर हमारा भी स्टैंड पता है और जदयू अपने पुराने स्टैंड पर कायम है। आलोक ने कहा कि धारा 370, राम जन्मभूमि और तीन तालक पर जदयू की राय अलग है। अब देखना यह है कि अगर एनडीए की सरकरा बनती है तो इन मुद्दों पर किस तरह की राजनीति होती है।