सनी देओल के नाम ने बढ़ाई भाजपा की मुश्किल, अब चुनाव आयोग का सहारा

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में एक बार फिर जीत का सपना देख रही भारतीय जनता पार्टी अपने इस सपने को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। यही वजह है कि जहां दिग्गजों की जरूरत हो वहां दिग्गज और जहां सितारों की वहां सितारे… भाजपा हर मोर्चे पर हिट होना चाहती है। लेकिन परेशानियां हैं कि कम होने का नाम नहीं ले रहीं। ताजा मामला स्टार उम्मीदवार सनी देओल को लेकर सामने आया है। भाजपा सनी देओल को बड़ी धूमधाम से पंजाब की गुरदासपुर लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में तो उतारा लेकिन अब उनके सामने एक बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। ये मुश्किल है सनी देओल का असली नाम। जी हां सनी देओल के असली नाम अजय सिंह देओल ने भाजपा की परेशानी बढ़ा दी है।
दरअसल गुरदासपुर सीट से नामांकन करते वक्त सनी देओल ने अपना असली नाम अजय सिंह देओल भरा था। उनका ये असली नाम भाजपा की रणनीति में रुकावट खड़ी कर सकता है। दरअसल भाजपा ने अभिनेता को इसलिए टिकट दिया ताकि उनके नाम और शौहरत को भुना सकें। लेकिन अब चूंकी सनी ने मतदाता सूची में अपना नाम अजय सिंह देओल लिखा तो भाजपा को डर सता रहा है कि ईवीएम पर जब जनता उनका नाम अजस सिंह देखेगी तो शायद पहचान न पाए, ऐसे में वोट कटने का डर भाजपा के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर सकता है।
सनी देओल ने हलफनामे में बताया असली नाम, करोड़ों के कर्जदार हैं ‘तारा सिंह’भाजपा की रणनीति के मुताबिक लोग सनी देओल के उनके इसी नाम से पहचानते हैं बहुत कम लोग हैं जिन्हें सनी का असली नाम अजय सिंह देओल पता है। ऐसे में भाजपा ने चुनाव आयोग से आवेदन किया है कि ईवीएम में अजय सिंह देओल की जगह सनी देओल नाम अंकित किया जाए। इससे लोग उन्हें वोट दे सकें।
ये है नियमनियम के मुताबिक ईवीएम पर वही नाम अंकित किया जाता है जो नामांकन पर्चे में लिखा होता है या मतदाता सूची में जो नाम दिया होता है। ऐसे में सनी ने अपना असली नाम अजय सिंह देओल ही पर्चे में भरा है। लिहाजा ईवीएम में भी उनका यही नाम लिखा हुआ आएगा।
कांग्रेस ने जारी की पंजाब में स्टार प्रचारकों की सूची, भाजपा के बागियों को दी जगहये चाहती है भाजपाभाजपा ने इसके लिए हलफनामा दिया है कि अजय सिंह धर्मेंद्र देओल का प्रचलित नाम सनी देओल है। इसलिए ईवीएम पर भी यही नाम लिखा जाए। कई बुजुर्ग और ग्रामीण इलाके के मतदाता ठीक से फोटो नहीं देख पाते ऐसे में नाम ही उनके लिए जरूरी होता है। अतः कानूनी प्रक्रिया के जरिये इस नाम को प्रचलित नाम से बदला जाए।