शहीद हेमंत करकरे के सम्मान पर BJP- CONGRESS ‘साथ-साथ’, अकेली पड़ी साध्वी प्रज्ञा ने भी लिया यू टर्न

नई दिल्ली। मुंबई हमले में शहीद हुए पुलिस अधिकारी हेमंत करकरे पर सियासत शुरू हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेत्री प्रज्ञा सिंह ठाकुर के विवादित बयान पर भाजपा और कांग्रेस ‘हम साथ-साथ’ नजर आ रही है। हालांकि, लगातार हो रहे विरोध के बाद अकेली पड़ी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने भी यू टर्न ले लिया है। भाजपा ने जहां साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के बयान से किनारा काटते हुए साफ कहा है कि यह उनकी व्यक्तिगत राय है। वहीं, कांग्रेस का भी कहना है कि शहीद हेमंत करकरे का सम्मान हो।
साध्वी के बयान से भाजपा का किनारा
दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ‘भारतीय जनता पार्टी का स्पष्ट मानना है कि स्वर्गीय हेमंत करकरे आतंकवादियों से बहादुरी से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। भाजपा ने हमेशा उन्हें शहीद माना है। जहां तक साध्वी प्रज्ञा के इस संदर्भ में बयान का विषय है, वह उनका निजी बयान है। जो वर्षों तक उन्हें हुई शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना के कारण दिया गया होगा।’
 

BJP releases statement over the remarks made against late Hemant Karkare by BJP LS candidate for Bhopal , Pragya Thakur; says, “BJP considers him a martyr. This is Sadhvi Pragya’s personal statement which she might have given because of the mental & physical torture she had faced” pic.twitter.com/CNr5n5EbDl— ANI (@ANI) April 19, 2019

वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि हेमंत करकरे देश की रक्षा के लिए शहीद हो गए। उनका सम्मान होना चाहिए। साध्वी के बयान पर दूसरी राजनीतिक पार्टियों ने भी जमकर हमला बोला है। इधर, चुनाव आयोग ने भी साध्वी प्रज्ञा के बयान पर मिली शिकायत का संज्ञान लिया और मामले की जांच का फैसला किया है। इधर, विरोध के बाद अकेली पड़ी साध्वी प्रज्ञा ने यू टर्न लेते हुए अपना बयान वापस ले लिया है। उन्होंने कहा कि अगर इस बयान से विरोधी पार्टी अपनी राजनीति चमाकाएंगे तो मैं अपना बयान वापस लेती हूं।
 

Hemant Karkare gave his life protecting India. He must be treated with respect.— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) April 19, 2019

साध्वी ने करकरे पर लगाए गंभीर आरोप
गौरतलब है कि साध्वी प्रज्ञा ने कहा है कि मुंबई के आतंकवाद निरोधक दस्ते के पूर्व प्रमुख हेमंत करकरे ने उन्हें मालेगांव विस्फोट मामले में गलत तरह से फंसाया था और वह अपने कर्मों की वजह से मारे गए। आपको बता दें कि 26 नवंबर 2008 को पाकिस्तान से आए आतंकवादियों ने मुंबई के कई स्थानों पर हमले किए थे, जिसमें हेमंत करकरे और मुंबई के कुछ अन्य अधिकारी शहीद हो गए थे। अब इस बयान पर जमकर राजनीति शुरू हो गई है।