शत्रुघ्न सिन्हा ने पीएम मोदी पर साधा निशाना, पूछा- ‘राजधर्म की आंधी के बीच आपको किसने बचाया?’

नई दिल्ली। कांग्रेस में शामिल होने के बाद से शॉटगन शत्रुघ्‍न सिन्‍हा भाजपा के खिलाफ पहले से ज्‍यादा हमलावर हो गए हैं। इस बार उन्‍होंने ट्वीट कर पीएम मोदी पर सीधा निशाना साधा है। उन्होंने पीएम मोदी को याद दिलाया है कि 17 साल पहले कैसे राजधर्म की आंधी के बीच उनकी जाती हुई कुर्सी को आडवाणी ने बचा लिया था। आज पीएम मोदी ने पार्टी के वरिष्‍ठ नेताओं के तजुर्बे का लाभ उठाने के बदले उन्‍हें पार्टी लाइन से पूरी तरह से अलग-थलग कर दिया।
लोकसभा चुनाव: बिहार के 2 दलित नेताओं की प्रतिष्‍ठा दांव पर, रामविलास की ‘विरासत’…
 

सिन्हा जैसे दिग्गज, जिनका आपकी पार्टी को देश की बड़ी पार्टी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान रहा, उनके अनुभव का फायदा लेते।….और सरजी को ‘राजधर्म‘ के आँधी के बीच बचाने में सबसे महत्वपूर्ण योगदान रहा हमारे फ़्रेंड फ़िलॉसफ़र गाइड श्री एल के आडवाणी का। क्यूँ सबको अलग थलग कर दिया?— Shatrughan Sinha (@ShatruganSinha) April 9, 2019

आडवाणी ने 17 साल पहले मोदी को बचा लिया था
लोकसभा चुनाव के दौरान टि्वटर पर राजधर्म की बात उठाकर उन्‍होंने पीएम मोदी को याद दिलाया है कि 2002 में गोधरा दंगे के कारण तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजपेयी उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाना चाहते थे। लेकिन मेरे राजनीतिक गुरु लालकृष्ण आडवाणी ने पूर्व पीएम वाजपेयी जी को वैसा करने से रोक दिया था। अपने प्रभाव का इस्‍तेमाल करते हुए आडवाणी जी ने मोदी की कुर्सी को 17 साल पहले बचा लिया था।
लोकसभा चुनाव: ‘राष्‍ट्रवाद’ चौथी बार बनेगा मुद्दा, इंदिरा और वाजपेयी लड़ चुके हैं इस मुद्दे पर चुनाव
 

बहरहाल, तुम्हारी है, तुम्हीं सम्भालो यह ढकोसला पत्र, असंकल्प पत्र या संकल्प पत्र। फिर मिलेंगे दोस्त । जय हिंद ।— Shatrughan Sinha (@ShatruganSinha) April 9, 2019

फिर मिलेंगे दोस्‍त, जय हिंद!
शत्रुघ्न सिन्हा ने ट्वीट कर कहा है कि आजादी के 75 साल, 75 क़दम, 75 लक्ष्य तो आपने निर्धारित किया है लेकिन 75 साल के लोगों के तजुर्बे का लाभ उठाना आप भूल गए। आपने ऐसा कर एक बेहतर मौका गंवा दिया है। उन्‍होंने अपने ट्वीट में डॉ मुरली मनोहर जोशी, अरुण शौरी और भूतपूर्व वित मंत्री एवं विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा जैसे दिग्गज नेताओं का जिक्र करते हुए कहा है कि आपने क्यूं सबको अलग थलग कर दिया? एक अन्‍य ट्वीट में उन्‍होंने कहा कि बहरहाल नेतृत्‍व तुम्हारी है, तुम्हीं सम्भालो यह ढकोसला पत्र, असंकल्प पत्र या संकल्प पत्र। फिर मिलेंगे दोस्त। जय हिंद।
32 बार चुनाव हार चुके हैं श्‍याम बाबू, हौसले इतने बुलंद कि अस्‍का और बेरहमपुर से…

आज़ादी के ७५ साल, ७५ क़दम, ७५ लक्ष्य…७५ साल के लोगों को ब्रेन डेड नहीं समझते हुए उनके अनुभव/तजुरबे को शामिल किया होता तो बेहतर नहीं हुआ होता? एक मौक़ा फिर गँवा दिया। यह सही वक़्त होता अगर डॉक्टर मुरली मनोहर जोशी, विद्वान अरुण शौरी और भूतपूर्व वित मंत्री एवं विदेश मंत्री यशवंत— Shatrughan Sinha (@ShatruganSinha) April 9, 2019

Indian Politics से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter पर .. Lok sabha election Result 2019 से जुड़ी ताज़ातरीन ख़बरों, LIVE अपडेट तथा चुनाव कार्यक्रम के लिए Download patrika Hindi News App.