लोकसभा चुनाव 2019: सियासी दल इन मुद्दों को लेकर जनता से मांगेंगे वोट

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव का बिगूल बज चुका है। सात चरणों में लोकसभा चुनाव होंगे। 11 अप्रैल को पहली वोटिंग कराई जाएगी। 23 मई को चुनाव के परिणाम आ जाएंगे। इस दिन तस्वीर साफ हो जाएगी कि केंद्र में किस पार्टी की सरकार होगी। सभी सियासी पार्टियां मैदान में कूद पड़ी हैं। राजनीतिक दलों के नेता जनता को अपने-अपने तरीकों से लुभाने की कोशिश में जुटे हैं। सत्ता पक्ष जहां पांच साल के विकास कार्यों को लेकर वोट मांगने को तैयार है। वहीं विपक्ष सरकार पर कई मुद्दों को लेकर हमलावार है। 2019 आम चुनाव में इन बड़े मुद्दों पर चुनाव लड़े जाने की संभावना है।
राम मंदिर मुद्दा
अयोध्या विवाद का मुद्दा एक बार फिर लोकसभा चुनाव में उछल सकता है। विपक्ष राम मंदिर पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा राम मंदिर मुद्दे को भुनाने की कोशिश में है। भाजपा हर बार इस मुद्दे को चुनाव के दौरान ही उठाकर जनता को गुमराह करती आ रही है। वहीं भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस के अड़ंगों की वजह से अयोध्या विवाद न्यायपालिका में अटका हुआ है।
भारत पाकिस्तान का संबंध भी होगा चुनावी मुद्दा
 
आतंकी हमलों को लेकर भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव जारी है। सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के बाद केंद्र सरकार आतंकियों पर बड़ी कार्रवाई करने दावा कर रही है। वहीं विपक्ष इस हमले के सबूत मांग रहा है। भाजपा विपक्ष पर ओछी और घटिया राजनीति करने का आरोप लगा रही है। हाल ही में हुई एयर स्ट्राइक के बाद विपक्षी दल और केंद्र सरकार आमने-सामने है। राष्ट्रवाद का मुद्दा इन चुनावों में प्रमुखता से उठाया जा सकता है।
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रफाल का मुद्दा होगा अहम
रफाल मुद्दे को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी रफाल डील को लेकर लगातार पीएम मोदी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को चुनावी मुद्दा बनाकर जनता के बीच जाने की तैयारी में है। वहीं केंद्र सरकार समय की मांग का हवाला देते हुए रफाल विमान सौदे को जरूरी बता रही है।
किसान भी होंगे चुनाव के मुद्दे
लोकसभा चुनाव में किसानों का मुद्दा भी अहम होगा। केंद्र सरकार ने बजट में छोटे किसानों के कई सुविधाएं देने की घोषणा की थी। राजनीति विश्लेषक इसे भाजपा के लिए बड़े वोटबैंक को लुभाने का प्रयास मान रहे हैं। जबकि भाजपा इसे क्रांतिकारी कदम बता रही है। वहीं, कांग्रेस तीन विधानसभा राज्यों में जीत के बाद किसानों की कर्ज माफी का मॉडल देशभर में लागू करने का भरोसा दे रही है। कुलमिलाकर किसानों का मुद्दा इन चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है। बता दें कि अपनी अनदेखी को लेकर कई बार देशभर के किसान सड़कों पर भी उतर चुके हैं।
बेरोजगारी का मुद्दा महत्वपूर्ण
इन लोकसभा चुनावों में रोजगार का मुद्दा भी महत्वपूर्ण होगा। सरकार जहां युवाओं को स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया समेत कई योजनाओं के तहत युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का दावा कर रही है। वहीं विपक्ष सरकार पर बेरोजगारी कम नहीं करने का आरोप लगा रहा है। कांग्रेस बेरोजगारी को अहम मुद्दा बनाकर सरकार को घेरना चाहती है।
दक्षिण भारत में सबरीमाला मुद्दा
इन आम चुनावों में दक्षिण भारत में सबरीमाला मंदिर का मुद्दा भी काफी चर्चा में रहने वाला है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशा के मुताबिक सत्ताधारी वाम दल हर उम्र की महिला को सबरीमाला मंदिर में प्रवेश देने के पक्ष में था वहीं भाजपा-कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का खुलकर विरोध किया था। इसको लेकर बड़े पैमाने पर विरोध- प्रदर्शन भी हुए। कांग्रेस- भाजपा दोनों पार्टियां वहां के लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध कर रही है। बता दें कि 2014 के आम चुनावों में एनडीए को 336 सीटें मिली थीं। जबकि यूपीए को 60 और अन्य दलों को 147 सीटें हासिल हुई थी।