लोकसभा चुनाव 2019 : महासंग्राम के लिए आखिर कैसे हैं उत्तराखंड के चुनावी समीकरण ?

देहरादून। उत्तराखंड में लोकसभा चुनाव के महासंग्राम के लिए राजनीतिक पार्टियों की तैयारियां जोरों पर हैं। एक तरफ जहां 16 मार्च को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की दून में परिवर्तन रैली प्रस्तावित है, ठीक उसी दिन भाजपा ने अपने प्रत्याशियों की सूची जारी करने की तैयारी कर ली है। भाजपा चुनावी माहौल के चलते कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। इसके चलते बीजेपी चुनावी प्रचार के लिए अपने तुरूप के इक्के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व अन्य प्रमुख नेताओं को उत्तराखंड में लाने की तैयारी में है।
इस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए कांग्रेस खेमे ने भी रैली को लेकर अतिरिक्त सजगता बरतनी शुरू कर दी है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की दून के परेड़ मैदान में 16 मार्च को आयोजित की जा रही परिवर्तन रैली में प्रदेश भर से कांग्रेसी जुटेंगे। इस बीच राजनीतिक गलियारों में रैली के दौरान भाजपा के कुछ कद्दावर नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा का बाजार गर्म है।
कांग्रेस राहुल गांधी के मार्फत उत्तराखंड में भाजपा को मुंहतोड़ जवाब देने की जुगत में है। प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि 16 मार्च को कौन जॉइन करेगा कौन नहीं, यह उसी दिन पता चलेगा। यह राजनीति है, अभी इसमें कुछ कहना संभव नहीं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भाजपा अपनी रैली के दौरान मेरठ, सहारनपुर जैसे इलाकों से लोगों को लाकर भीड़ बढ़ाती रही। इस बार कांग्रेस की रैली में देवभूमि के ही आमजन भाग लेंगे। प्रत्याशियों के सवाल पर प्रीतम सिंह ने कहा कि प्रत्याशियों के चयन में अभी कुछ समय लग सकता है।
इसके इतर भाजपा में प्रत्याशियों के चयन का ऐलान 16 मार्च को हो सकता है। संभव है कि इस दिन दिल्ली में होने वाली संसदीय बोर्ड की बैठक में प्रत्याशियों के नामों पर मोहर लगा दी जाए। बताया जा रहा है कि उत्तराखंड की पांच लोकसभा सीटों के मौजूदा सांसदों समेत बारह दावेदारों के नाम सामने आए हैं। बीजेपी की प्रदेश चुनाव संचालन समिति की बैठक में दावेदारों का पैनल तय करने के बाद इसे केंद्रीय नेतृत्व को भेजा जाएगा। गौरतलब है कि प्रदेश में प्रथम चरण में 11 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। 18 मार्च से नामांकन की प्रक्रिया शुरू होनी है। ऐसे में जितनी जल्दी संभव हो प्रत्याशियों के नाम का ऐलान करने से पार्टी कार्यकर्ता प्रत्याशियों के चुनावी प्रचार के लिए मोर्चा संभाल सकेंगे।