लोकसभा चुनाव 2019: मतदान से 48 घंटे पहले सोशल मीडिया पर नहीं कर सकेंगे राजनीतिक पोस्ट

नई दिल्ली। 17वीं लोकसभा के चुनाव के लिए तारीखों की घोषणा हो गई है। सात चरण में होने वाला मतदान 11 अप्रैल से शुरू होकर 19 मई को खत्म होगा और नतीजे 23 मई को आएंगे। इस ऐलान के साथ ही देश में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है। खास बात यह है कि इस बार आचार संहिता सोशल मीडिया पर भी लागू होगी। चुनाव के बारे में भ्रामक और गलत खबरें फैलाने, सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के लिए नफरत वाले पोस्ट डालने पर आयोग सख्ती से निपटेगा।
चुनाव से 48 घंटे पहले बंद होगी राजनीतिक पोस्ट
मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने बताया कि सोशल साइट्स फेसबुक, ट्विटर, यू ट्यूब गूगल, व्हाट्सएप और शेयर चैट आदि पर हमारी नजर है। मतदान शुरू होने के 48 घंटे पहले की अवधि के दौरान किसी तरह की राजनीतिक सामग्री पोस्ट करना प्रतिबंधित होगा। इन प्लेटफॉर्म्स पर किसी भी राजनीतिक दल के विज्ञापन पोस्ट करने से पहले आयोग को जानकारी देनी होगी। अनुमति मिलने के बाद ही वे ऐसा कर पाएंगे। वहीं गूगल और फेसबुक को चुनाव आयोग ने ऐसे विज्ञापनदाताओं की पहचान करने के भी निर्देश दिए हैं।
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सभी चैनलों पर होगी आयोग की पैनी नजर
सुनील अरोड़ा ने बताया कि सभी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय समाचार चैनलों की निगरानी की जाएगी। किसी सामग्री के आपत्तिजनक पाए जाने पर उससे संबंधित अधिकारियों को नोटिस भेजा जाएगा। वहीं सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म ने कहा है कि वे चुनाव के लिए शिकायत अधिकारी नियुक्त करेंगे और फेक न्यूज तथा आपत्तिजनक सामग्री की जांच करेंगे।
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सेना पर राजनीति करने वालों की खैर नहीं
चुनाव आयोग ने रविवार को एकबार फिर राजनीतिक दलों को ‘सेना के प्रतीकों के इस्तेमामल’ को लेकर हिदायत दी है। सुनील अरोड़ा ने कहा कि जो राजनीतिक दल या उम्मीदवार अपने चुनाव प्रचार में सेना की तस्वीरों, वर्दी आदि का किसी भी प्रकार इस्तेमाल करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।