लोकसभा चुनाव 2019: चुनावी कार्यक्रम पर बोले ओवैसी- रमजान में ज्यादा होगी वोटिंग

नई दिल्ली। भारतीय निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। लोकसभा चुनाव सात चरणों में कराया जाएगा। चुनाव में मतदान की प्रक्रिया 11 अप्रैल से 19 मई तक चलेगी। रमजान में पड़ रहे चुनाव कार्यक्रम को लेकर तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी समेत कई विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। वहीं, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रमजान में मतदान को लेकर जारी विवाद के बीच बड़ा बयान दिया है। ओवैसी ने कहा कि कुछ लोग इस बात को लेकर बेवजह विवाद पैदा कर रहे हैं। चुनाव एक बड़ी प्रक्रिया है, विवाद करने वाले मुस्लिमों को नहीं समझते। एक मुसलमान होने के नाते वो रमजान में चुनाव तारीखों का स्वागत करता हैं। उन्होंने कहा कि वो रमजान में रोजा रखेंगे और वोट डालेंगे।
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A Owaisi: Muslims will definitely fast in Ramzan, they go out & lead a normal life, they go to office, even the poorest of the poor will also fast. My analysis is that this month (Ramzan) will lead to more voting percentage because one will be free from all worldly duties. (2/2) pic.twitter.com/actLqcVz0F— ANI (@ANI) March 11, 2019

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543 में से 169 लोकसभा सीटों पर रमजान के दौरान मतदान
आपको बता दें कि कुछ विपक्षी दलों ने रमजान माह में चुनाव होने को लेकर आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि इससे चुनाव नतीजे प्रभावित होंगे। दरअसल, इसका बड़ा कारण देश की कुल 543 में से 169 लोकसभा सीटों पर रमजान के दौरान मतदान कराना है। रमजान के दौरान मतदान वाले राज्यों के अधिकांश उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और दिल्ली की सीटें हैं। वहीं, जम्मू—कश्मीर में विधानसभा चुनाव ना होने पर राज्य के पूर्व फारूक अब्दुल्ला ने बड़े सवाल उठाए हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि राज्य में सभी राजनीतिक दल विधानसभा चुनाव कराने के पक्ष में हैं।
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विधानसभा चुनाव कराने में क्या परेशानी?
उन्होंने कहा कि अगर लोकसभा चुनाव के लिए माहौल ठीक है तो फिर विधानसभा चुनाव कराने में क्या परेशानी है। अब्दुल्ला ने कहा कि जब राज्य में पंचायत चुनाव कराए जा सकते हैं तो फिर ये क्यों नहीं?