लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार का बड़ा दांव, कैबिनेट ने 200 प्‍वाइंट रोस्टर पर अध्यादेश को मंजूरी दी

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार ने एससी-एसटी और ओबीसी समुदाय को साधने के लिए बड़ा फैसला लिया है। चुनावी ऐलान के करीब एक हफ्ते पहले अपने आखिरी कैबिनेट की बैठक में सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटते हुए 13 प्‍वाइंट रोस्‍टर खारिज कर दिया। सरकार ने इसे पलटकर 200 प्वॉइंट रोस्टर सिस्टम लागू करने के लिए अध्यादेश को मंजूरी दे दी। इसके तहत अब आरक्षण के लिए डिपार्टमेंट नहीं बल्कि यूनिवर्सिटी या कॉलेज एक यूनिट माना जाएगा।
कैबिनेट ने लिया ऐतिहासिक फैसला: जावड़ेकर
केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर बताया कि आज केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ऐतिहासिक फैसला लिया है। जिसके तहत विश्वविद्यालय-महाविद्यालय को एक इकाई मानते हुए केंद्रीय शैक्षिक संस्थानों (शिक्षकों के संवर्ग में आरक्षण) अध्यादेश, 2019 के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। हम इसके लिए पीएम मोदी को धन्यवाद कहना चाहते हैं।
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इसके तहत एससी, एसटी और ओबीसी को उच्च शिक्षा संस्थानों (विश्वविद्यालयों) में शिक्षक भर्ती में आरक्षण का आधार विभाग नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय एक इकाई के रूप में माना जाएगा। अभी नई 13-प्‍वाइंट रोस्टर प्रणाली के तहत शिक्षकों की आरक्षण नीति और भर्ती प्रक्रिया के लिए प्रत्येक विभाग को एक इकाई माना जाता है।
हम 200 प्वाइंट रोस्टर के पक्ष में: जावड़ेकर
इससे पहले पांच मार्च को 13 प्वाइंट रोस्टर के विरोध में भारत बंद बुलाया गया था। उसी वक्त प्रकाश जावड़ेकर ने इस मामले में अध्यादेश लाने के संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था कि हम 200 प्वाइंट रोस्टर के पक्ष में हैं और इसे लागू करने वाले हैं। उन्होंने कहा था कि बस आप कैबिनेट की होने वाली आखिरी मीटिंग का इंतजार करें। मोदी सरकार सामाजिक न्याय के लिए खड़ी है।