लोकसभा चुनाव: देश में आज शाम से लागू हो सकती है आचार संहिता, जानें क्या हैं नियम

नई दिल्ली। भारतीय चुनाव आयोग रविवार शाम को बहुप्रतीक्षित लोकसभा चुनाव के तारीखों की घोषणा करेगा। चुनाव पैनल ने शाम पांच बजे विज्ञान भवन में एक संवाददता सम्मलेन बुलाया है। चुनाव आयोग ने लोकसभा के लिए 543 सदस्य चुने जाने के लिए चुनावों की अपनी तैयारी के तहत शनिवार को एक समीक्षा बैठक की थी। दो सदस्य नामांकित हैं। 2014 के लोकसभा चुनावों का कार्यक्रम उसी साल पांच मार्च को घोषित किया गया था। 2014 में कांग्रेस को सत्ता से बेदखल कर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनी थी।
चुनाव आचार संहिता के बड़े मायने
रविवार शाम को चुनाव की तारीख की घोषणा के साथ तत्काल प्रभाव से आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी भाजपा को फिर से सत्ता में लाने के लिए पार्टी के अभियान की अगुवाई कर रहे हैं। आपको बता दें कि सत्तारुढ़ पार्टियों के लिए चुनाव आचार संहिता के बड़े मायने होते हैं। आचार संहिता लागू होने के बाद सरकार मतदाताओं को लुभाने के लिए कोई छोटी या बड़ी घोषणा नहींं कर सकती है।
ये चुनाव आचार संहिता के नियम—
– चुनाव आचार संहिता का अनुपालन हर राजनीतिक दल और उम्मीदवार को करना होता है। जबकि इनका उल्लंघन करने पर सख्त सजा हो सकती है।
— सजा के तौर पर उम्मीदवार के चुनाव लड़ने पर रोक लगाई जा सकती है। मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। यहां तक उम्मीदवार को जेल भी जाना पड़ सकता है।
– चुनाव के समय कोई भी सत्ताधारी दल चुनाव के लिए सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल नहीं कर सकता। – चुनाव के दौरान सत्ताधारी दल शिलान्यास, लोकार्पण और भूमिपूजन नहीं कर सकते।
– प्रत्याशी या दल को जुलूस और रैली के लिए चुनाव आयोग की अनुमति ले सकती है। — उम्मीदवार जाति, धर्म और भाषाई समुदायों के बीच मतभेद बढ़े या घृणा फैलाने वाला बयान नहीं दे सकता।