लोकसभा चुनाव: तीन चरणों की वोटिंग के लिए भाजपा ने झोंकी ताकत, बंगाल में कमल खिलाने के लिए संघ भी सक्रिय

नई दिल्ली: लोकसभा का चुनाव अंतिम दौर में है। तीन चरणों में 169 सीटों पर मतदान होना बाकी है। 7 राज्यों की 51 सीटों पर 6 मई को पांचवे चरण का मतदान होगा। आखिर के बचे तीन चरणों का मुकाबला बेहद दिलचस्प है। सभी दलों के दिग्गज एड़ी चोटी एक किए हुए हैं। भाजपा बाकी बचे सीटों पर अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। भाजपा को इस बार बंगाल से कुछ ज्यादा ही उम्मीद है। ममता बनर्जी का रथ रोकने के लिए खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह मोर्चा संभाले हुए हैं। अमित शाह ममता बनर्जी पर तुष्टीकरण का आरोप लगाते हुए बंगाल में मुहिम चला रहे हैं। भाजपा बंगाल में मिशन 23 को लेकर चुनाव मैदान में है। इसके पीछे राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ भी अप्रत्यक्ष रूप से जुटा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक देश भर में RSS की 59 हज़ार शाखाएं संचालित हैं। संघ के स्वयंसेवक राष्ट्रवाद को लेकर अलख जगा रहे हैं। राष्ट्रहित को लेकर संंघ हमेशा से कार्य करता आ रहा है। देश भर में मोदी के नेतृत्व में भगवा लहराने के लिए संघ सक्रिय है। इस बार भी ज्यादा से ज्यादा मतदान कराने के लिए संघ का घर-घर संपर्क अभियान जारी है।
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2014 में 169 सीटों में से भाजपा को 114 सीटें मिलीं थी
दरअसल पिछले बार 169 सीटों पर एनडीए ने 127 सीटें जीती थीं। भाजपा को 116 सीटों मिली थीं। भाजपा को पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने में मदद मिली थी। लेकिन इस बर कुछ सीटों पर भाजपा को नुकसान होने का डर सता रहा है। भाजपा को ऐसा लग रहा है कि उसे कम सीटें मिलेगी। ऐसे में इन सीटों की अहमियत को देखते हुए संघ ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। तीन चरणों के चुनाव में संघ अहम रोल अदा कर रहा है। आरएसएस का फोकस पश्चिम बंगाल है। बंगाल में कुछ सीटों पर संघ के पसंदीदा उम्मीदवारों को भी उतारा गया है। ताकि किसी तरह से यह चुनाव जीता जा सके। सियासी जानकारों का मानना है कि बंगाल में हिंदू बहुल इलाके में सत्ता विरोधी भावनाएं प्रबल है। तृणमूल को हराने के लिए भाजपा के पास उम्दा मौका है। भाजपा अगर 10-12 सीटें भी जीतती है तो यह बात साफ हो जाएगी कि ममता अब अजय नहीं है।
TMC पर हिंदुओं को निशाना बनाने का आरोप
सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगता रहा है कि पश्चिम बंगाल में आम हिंदू सुरक्षित नहीं है। कई बार हिंदुओं को निशाना बनाया गया है। यहां तक कि आरएसएस के स्वयंसेवक भी निशाने पर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में जय श्रीराम के नारे लगने से ममता भड़क गई थीं। ममता बनर्जी पर भाजपा का आरोप है कि बंगाल में दुर्गा पूजा, सरस्वती पूजा समेत हिंदू धार्मिक अनुष्ठानों को राज्य सरकार नहीं होने दे रही। ऐसे में संघ पश्चिम बंगाल पर ध्यान केंद्रित किए हुए है। संघ यहां आर पार की लड़ाई के मूड में है।
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भाजपा ने ममता के खिलाफ खोला मोर्चा
तंकवाद के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर भी ममता ने मोदी सरकार पर सवाल उठाए थे। एयर स्ट्राइक को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मोदी सरकार से सबूत मांगा था। भाजपा इस मुद्दे को प्रमुखता से उठा रहा है। भाजपा का कहना है कि पूरी दुनिया आतंकवाद पर मोदी के साथ है लेकिन ममता बनर्जी और विपक्ष लगातार सवाल खड़े कर रहे हैं। हालांकि चुनावी विश्लेषकों का कहना है कि बालाकोट पर सवाल उठाना ममता बनर्जी की सोची समझी रणनीति का हिस्सा है। ममता की नजर 28 फीसदी मुस्लिम वोटों पर है। लेकिन संघ की नजर हिंदुओं वोटर पर टिकी है। स्वयंसेवक घर-घर जाकर लोगों से ज्यादा से ज्यादा मतदान करने की अपील कर रहे हैं। बता दें कि पश्चिम बंगाल की कुल 42 लोकसभा सीटों पर 2014 में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस 34 सीटें जीती थीं। जबकि भाजपा 2 सीटों पर ही सिमट गई थी।
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संघ की ये है रणनीति
-9 राज्यों में 80 हज़ार से एक लाख वरिष्ठ और प्रशिक्षित स्वयंसेवकों को मैदान में उतारा- 169 सीटों पर भाजपा के पक्ष में ज्यादा से ज्यादा प्रतिशत में मतदान कराना है। – संघ ने इन सीटों को अपने लिए नाक का सवाल बनाया। – पश्चिम बंगाल की सीटों पर सबसे ज्यादा जोर – पश्चिम बंगाल की बाक़ी बची 24 सीटों पर बेहतर प्रदर्शन – संघ पहली बार पश्चिम बंगाल में बड़े स्तर पर सक्रिय
 

पश्चिम बंगाल- कुल सीट: 42

वर्ष
पार्टी
सीट

2014
तृणमूल कांग्रेस
34

2014

कांग्रेस

04

2014

भाजपा

02

2014

माकपा

02

बंगाल में बाकी बचे तीन चरणों में यहां-यहां है मतदान
-6 मई: बंगांव, बैरकपुर, हावड़ा, उलुबेरिया, श्रीरामपुर, हुगली, आरामबाग
-12 मई: तामलुक, कांति, घाटल, झारग्राम, मेदिनीपुर, पूर्णिया, बांकुरा, विष्णुपुर,
-19 मई: मथुरापुर, डायमंड हार्बर, जाधवपुर, कोलकाता दक्षिण, कोलकाता उत्तर, दमदम, बारासात, बशीरहाट, जयनगर