लोकसभा चुनाव: अब तक जारी नहीं हुआ JDU का घोषणापत्र, भाजपा पर लग रहे गंभीर आरोप

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के लिए तीन चरण के मतदान संपन्न हो चुके हैं। बाकी बचे हुए चरणों के लिए सभी पार्टियों ने पूरी ताकत झोंक दी है। जनता के सामने करीब-करीब सभी पार्टियों ने अपने दावों और वादों को स्पष्ट कर दिए हैं। लेकिन, जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने अब तक अपना घोषणापत्र जारी नहीं किया है। सबसे हैरानी की बात यह है कि इसके पीछे भारतीय जनता पार्टी (BJP) का नाम सामने आ रहा है।
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BJP और JDU के बीच बढ़ रहा है तनाव
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीच लोकसभा चुनाव में भाजपा (BJP) और जेडीयू (JDU) के बीच अचानक मतभेद की खबरें सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार (Nitish Kumar) पार्टी के घोषणा को लेकर सहयोगी भाजपा के दबाव का सामना कर रहे हैं। दरअसल, भापजा चाहती है कि जेडीयू कुछ मुद्दों को अपने घोषणापत्र से हटा दे। जिन मद्दों को लेकर दोनों पार्टियों के बीच सहमति नहीं बन रही है वो हैं अनुच्छेद 370, 35A और राम मंदिर का मुद्दा। इन तीनों मुद्दों पर भाजपा और जेडीयू के बीच सहमति नहीं बन पा रही है।
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घोषणापत्र पर घमासान
गौरतलब है कि जेडीयू 14 अप्रैल को अपना घोषणापत्र जारी करनेवाला था। पार्टी ने इन तीनों मुद्दों को अपने घोषणापत्र में शामिल किया। जदयू का घोषणापत्र महासचिव केसी त्यागी, राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन वर्मा की टीम द्वारा तैयार किया जा चुका है। अब नीतीश कुमार के सामने यह बड़ी समस्या है कि भाजपा के इस रुख से कैसे निपटा जाए। नीतीश कुमार ने इस संबंध में केसी त्यागी को पटना भी बुलाया है। अब देखना यह है कि जेडीयू इन मुद्दों को घोषणापत्र से हटाती है या फिर दोनों पार्टियों के बीच मतभेद बढ़ेगा। गौरतलब है कि बिहार में दोनों पार्टियां 17-17 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। वहीं, एलजेपी को 6 सीटें दी गई हैं।