राहुल गांधी Exclusive: मोदी जी को बहुत बड़ा अवसर मिला था, मगर वो नारों में और झूठे वायदों में ही फंसे रह गए

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के चलते देश का सियासी पारा चरम पर है। कांग्रेस और भाजपा समेत क्षेत्रीय दल तक केंद्र में अपनी सरकार बनाने की जुगत भिड़ाने में जुटे हुए हैं। वहीं राजनीतिक जानकारों की मानें तो चुनाव के बाद देश में मिलीजुली या गठबंधन की सरकार का चेहरा भी नजर आ सकता है। ऐसे में पूरे पांच साल सरकार चलाने को लेकर सरकार के सामने कुछ चुनौतियां भी आ सकती हैं। कुछ ऐसे ही मुद्दों पर पत्रिका समूह के डिप्टी एडिटर ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ खास बातचीत की। इस दौरान सवालों के जवाब देते हुए राहुल गांधी ने चुनाव के बाद कांग्रेस की सरकार बनने का दावा किया।
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नरेन्द्र मोदी ने कोई विचार नहीं दिया
उन्होंने कहा कि यह सरकार पूरे 5 साल चलेगी। राहुल ने कहा कि मुख्य बात यह है कि देश संकट में है। हरित क्रान्ति के पहले देश संकट में था, उदारीकरण के समय देश संकट में था, लेकिन तब देश ने इस बात को माना था। अगर आप संकट को दूर करना चाहते हैं, तो पहले आपको यह मानना पड़ेगा कि देश संकट में है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान को ये मानना पड़ेगा कि आज हिंदुस्तान में बेरोजगारी की समस्या है, कृषि संकट है और अर्थव्यवस्था संकट में है। हमने जिस प्रकार से पिछले 10-15 साल में काम किया, उन उपायों को वे काम में नहीं ले रहे हैं। आप नरेंद्र मोदी जी के पिछले 5 साल के काम को देखिए। नरेन्द्र मोदी जी ने कोई विचार नहीं दिया। उनको बहुत बड़ा अवसर मिला था, मगर वो बातों में, नारों में और झूठे वायदों में ही फंसे रह गये।
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घोषणापत्र पर 5-6 महीने काम किया
राहुल गांधी ने कहा कि देश को एक नए विचार या कल्पना शक्ति की जरूरत है और कांग्रेस पार्टी देश को एक नया विचार दे सकती है। अगर आप नए विचार लाएंगे और समस्याओं का समाधान करोगे तो सरकार 5 साल रहेगी। उन्होंने कहा कि हमने ये जो 72 हजार सालाना देने की योजना निकाली है इस पर हमने 5 महीने काम किया। अपने घोषणापत्र पर हमने 5-6 महीने काम किया। किसानों, मजदूरों, मनरेगा में काम करने वालों और महिलाओं आदि लाखों लोगों से बात की गई। तब हम कह सकते हैं कि यह हमारी आवाज नहीं, देश की आवाज है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वह मानते हैं कि अगर आपको हिंदुस्तान की समस्याओं का समाधान करना है तो आपको देश की आवाज सुननी पड़ेगी।