राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पर साधा निशाना, कभी नहीं कहा 15 लाख खाते में जाएंगे

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के संकल्प पर को लेकर विपक्षी पार्टियों द्वारा किए जा रहे हमलों का मंगलवार को केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने जवाब दिया। राजनाथ सिंह ने कहा कि भाजपा ने कभी नहीं कहा कि 15 लाख रुपये लोगों के खातों में आएंगे। विपक्षी नेताओं पर की जा रही छापेमारी पर विपक्ष के आरोपों को भी उन्होंने गलत करार दिया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसके पीछे कोई राजनीतिक प्रभाव नहीं, ईडी इनपुट पर कार्रवाई करने वाली एजेंसी है। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार को दोषी ठहराना गलत है।
 
 

Never said that Rs 15 lakh will come to people’s accounts: rajnath singh Read @ANI story | https://t.co/aubO8tGdlw pic.twitter.com/VQASUMQkj0— ANI Digital (@ani_digital) April 9, 2019

यह प्रकिया सालों से चल रही है, आज शुरू नहीं हुई। ऐसा किसी के निर्देश पर नहीं किया जा रहा है। हां, चुनाव आयोग सरकार से सुरक्षा मांगता है तो सरकार उसका अनुपालन करती है। उन्होंने कहा कि यह छापेमारी भी चुनाव आयोग के ही आदेश पर की गई है, न कि सरकार के निर्देश पर। आपको बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार को एक न्यूज एजेंसी से बात कर रहे थे।

Utmost caution was taken to prevent civilian casualties during Balakot strike: Rajnath SinghRead @ANI story | https://t.co/dwsrKrPbv9 pic.twitter.com/l8LdybdGKm— ANI Digital (@ani_digital) April 9, 2019

बालाकोट हमले राजनाथ सिंह ने कहा कि एयर स्ट्राइक के दौरान इस बात का खास ख्याल रखा गया कि कोई नागरिक हताहत न हो। उन्होंने कहा कि बालाकोट पर विपक्ष सरकार से सवाल करे, सेना से सबूत न मांगे। फारूक अब्दुल्ला के बयान पर राजनाथ सिंह ने कहा कि अगर अनुच्छेद 370 को हटा दिया जाता है, तो संभवत कश्मीर भारत से अलग हो जाएगा। लेकिन कश्मीर कभी भी भारत से अलग नहीं होगा। कोई भी ताकत कश्मीर को भारत से अलग नहीं कर सकती।
 

No political influence behind IT, ED raids, agencies acting on their inputs: Rajnath SinghRead @ANI story | https://t.co/UAdLXWpm1H pic.twitter.com/cUfjzGEcNm— ANI Digital (@ani_digital) April 9, 2019

इस दौरान उन्होंने कश्मीर में दो प्रधानमंत्री वाले उमर अब्दुल्ला के बयान पर हमला किया। उन्होंने कहा कि हमने अपने घोषणा पत्र में यह स्पष्ट कर दिया कि अगर हम सत्ता में आते हैं तो अनुच्छेद 35 ए को निरस्त कर दिया जाएगा। भारत में दो राष्ट्रपतियों और प्रधानमंत्रियों का कोई सवाल नहीं।