रफाल मुद्दे पर राहुल गांधी का पीएम मोदी पर पलटवार, कहा-आपकी सरकार की वजह से हुई देरी

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रफाल संबंधित टिप्पणी पर जवाब दिया है। पीएम मोदी ने देश के समकालीन स्थितियों में रफाल की देरी पर चिंता जाहिर की थी, अब राहुल ने इसके लिए मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।
राहुल ने ट्वीट में दिया पीएम मोदी को जवाब
एक ट्वीट में राहुल ने पीएम मोदी और उनके सरकार पर कटाक्ष करते हुए लिखा कि राफेल विमान के देश में देरी से आने के कारण केवल आप हैं। अपने ट्वीट में राहुल ने लिखा, ‘प्रिय प्रधानमंत्री, क्या आपके अंदर थोड़ी-सी भी शर्म नहीं? आपने 30 हजार करोड़ रुपए चुरा लिए और अपने दोस्त अनिल (उद्योगपति अनिल अंबानी) को दे दिया। रफाल की देरी के कारण सिर्फ आप हैं। सिर्फ आपकी वजह से विंग कमांडर अभिनंदन जैसे बहादुर जवानों को पुराने विमान उड़ाकर अपनी जान खतरे में डाल रहे हैं।’

Dear PM,Have you no shame at all? YOU stole 30,000 Cr and gave it to your friend Anil. YOU are solely responsible for the delay in the arrival of the Rafale jets. YOU are WHY brave IAF pilots like Wing Cdr. Abhinandan, are risking their lives flying outdated jets. https://t.co/BrzAuFTlFu— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) March 2, 2019

पीएम मोदी ने रफाल को लेकर कसा था तंज
आपको बता दें कि इससे पहले पीएम मोदी ने शनिवार को कहा था कि अगर रफाल लड़ाकू विमान पहले आ गया होता तो पाकिस्तान पर हमले के परिणाम कुछ और होते। उन्होंने कहा कि रफाल पर स्वार्थनीति करते-करते लोग राजनीति करने लगे हैं। पीएम मोदी ने एक मीडिया हाउस के कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि राजनीति करने वालों को ख्याल रखना चाहिए कि मोदी विरोध की जिद में मसूद अजहर और हाफिज सईद जैसे आतंक के सरपरस्तों को सहारा न मिल जाए। आज पूरा देश एक स्वर में कह रहा है कि अगर रफाल होता तो परिणाम कुछ और होते।
फिर होगी रफाल मुद्दे पर सुनवाई
गौरतलब है कि राहुल गांधी लगातार पीएम मोदी को रफाल मुद्दे पर घेरते नजर आते हैं। राहुल ने कई बार पीएम मोदी पर रफाल सौदे में दखल देने का आरोप लगाते रहते हैं। राहुल का दावा है कि पीएम मोदी के निजी फायदे के कारण ही यह डील हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को न मिलकर अनिल अंबानी को दी गई। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में रफाल मामले में 6 मार्च को दोबारा सुनवाई होनी है। ये सुनवाई शीर्ष अदालत के इस मामले में सुनाए गए 14 दिसंबर के फैसले के बाद दायर पुनर्विचार याचिकाओं पर की जाएगी।