येदि की डायरी- 1800 करोड़ का हिसाब, राजनाथ-जेटली समेत भाजपा नेताओं को करोड़ों बांटे

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी पर संगीन और गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस ने भाजपा नेता और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा पर 1800 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने एक ऑनलाइन मैगजीन के हवाले से येदियुरप्पा की डायरी के जरिए भाजपा नेताओं को 1800 करोड़ रुपए के लेनदेन का आरोप लगाया है। सुरजेवाला ने कहा कि येदियुरप्पा के मुख्यमंत्री रहने के दौरान यह डायरी 2017 से आयकर विभाग के पास थी और हर पेज पर येदियुरप्पा के हस्ताक्षर हैं।
 

R Surjewala,Congress on ‘Yeddy diaries’ BS Yeddyurappa made payouts to senior BJP leaders during his tenure as K’taka CM: It mentions names of senior BJP leaders from Rajnath Singh to Jaitley. There is an allegation of bribe of Rs 1800 crore on the top BJP leadership pic.twitter.com/kX8liCjYmj— ANI (@ANI) March 22, 2019

Copies of diary entries that are with the IT dept note that BS #Yeddyurappa paid the BJP central committee 1,000 crore; Arun Jaitley and Nitin Gadkari 150 crore each; Rajnath Singh 100 crore; and LK Advani and Murli Manohar Joshi 50 crore each. https://t.co/gO74cY6KN8 pic.twitter.com/aR5AftXtSx— The Caravan (@thecaravanindia) March 22, 2019

येदियुरप्पा की एक डायरी से मचा सियासी भूचाल
सुरजेवाला ने कारवां मैगजीन की रिपोर्ट के आधार पर कहा कि इसमें आयकर विभाग के पास एक ऐसी डायरी है जिसमें बीजेपी नेताओं को सौ करोड़ से लेकर दस करोड़ तक दिए जाने के हिसाब है। साथ ही जजों को ढाई सौ करोड़ दिए जाने का भी उल्लेख है। दावा किया गया है कि यह डायरी येदियुरप्पा की है। 2009 में इस डायरी में येदियुरप्पा ने अपने हाथों से लिखा है कि राजनाथ सिंह को सौ करोड़, मुरली मनोहर जोशी और आडवाणी को पचास करोड़ दिए हैं। वहीं गडकरी के बेटे की शादी में दस करोड़ दिए गए हैं। येदियुरप्पा ने लिखा है कि बीजेपी की सेंट्रल कमेटी को एक हज़ार करोड़ दिए हैं। जेटली को डेढ़ सौ करोड़ दिया है। कारवां ने दावा किया है कि उसके पास पूरी डायरी है और उस पर येदियुरप्पा के दस्तखत हैं।

Randeep Surjewala,Congress: Is it true or false? The diary with BS Yeddyurappa’s sign on it was with the Income Tax Department since 2017. If that is the case why did Modi ji and BJP did not get it investigated? https://t.co/mzQV53tp00— ANI (@ANI) March 22, 2019