येचुरी की शिकायत पर चुनाव आयोग सख्त, ‘मिशन शक्ति’ पर पीएम मोदी के भाषण की कॉपी मांगी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को ‘मिशन शक्ति’ को लेकर देश को संबोधित किया। अब इस मामले पर बवाल मच गया है। कई राजनीतिक पार्टियों ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि पीएम को इसकी घोषणा की इजाजत क्यों दी गई? वहीं, मार्क्सवादी कम्यनिस्ट पार्टी के नेता सीताराम येचुरी ने इस बाबत चुनाव आयोग पत्र लिखते हुए इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताया है।
येचुरी ने की चुनाव आयोग से शिकात
येचुरी की शिकायत पर चुनाव आयोग सख्त होते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भाषण की कॉपी मांगी है। हालांकि, सरकार ने इस मामले में चुनाव आयोग को क्या जवाब दिया गया है इसकी जानकारी अभी नहीं मिल पाई है। लेकिन, यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गौरतलब है कि माकपा नेता येचुरी ने चुनाव आयोग को पत्र में लिखा है कि इस तरह का मिशन देश को डीआरडीओ बताता है, लेकिन इस बार प्रधानमंत्री ने इसे लेकर राष्ट्र के नाम संबोधन किया। जबकि, पीएम मोदी खुद लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार हैं। ऐसे में आचार सहिंता लागू होने के बाद उनको इसकी इजाजत कैसे दी जा सकती है? येचुरी ने चुनाव आयोग से यह भी सवाल किया है कि क्या उन्हें इस संदेश के बारे में जानकारी थी? क्या चुनाव आयोग ने नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन की इजाज़त दी थी?
 

CPI (Marxist) writes to Election Commission over PM Modi’s address to the nation today on “Mission Shakti”; states,”this announcement comes in the midst of the ongoing election campaign where the PM himself is a candidate. This is clearly a violation of the Model Code of Conduct” pic.twitter.com/xRrTNKtJb1— ANI (@ANI) March 27, 2019

पीएम के विरोध में उतरे कई नेता
येचुरी के अलावा उपेंद्र कुशवाहा ने भी इस मामले में सवाल किया है। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति की सफलता का श्रेय अंतरिक्ष अनुसंधान एवं विकास में वर्षों से अनवरत परिश्रम कर रहे वैज्ञानिकों को जाता है। इसकी घोषणा भी नेतृत्व कर रहे वैज्ञानिक द्वारा ही होनी चाहिए थी। पीएम मोदी के द्वारा इसकी घोषणा, अचार संहिता का उलंघन और भाजपा द्वारा देश को मुद्दों से भटकना ही है। वहीं, ममता बनर्जी ने भी कहा है कि मिशन शक्ति एक राजनीतिक घोषणा है। उन्होंने कहा कि हम भी इस मामले को लेकर चुनाव आयोग से शिकायत करेंगे।