भारत के नागरिक होकर भी ये 3 लाख लोग क्यों नहीं डाल सकते वोट

नई दिल्ली। लोकतंत्र में वोट डालना जनता का अधिकार है। मतदान से ही लोकतंत्र की जड़ें मजबूत होती हैं और जनता को अपनी इस ताकत का अहसास होता है कि उसका वोट सरकार बदल सकता है। लेकिन हमारे देश में करीब 3 लाख लोग ऐसे भी हैं, जो वोट नहीं डाल सकते।
कोई मतदान से वंचित न रहे, इलिसके ए होते हैं खास इंतजाम
किसी भी संसदीय लोकतंत्र की तरह भारत में भी जनता वोट देकर सांसदों का चुनावों करती है और फिर जिस दल के पास बहुमत होता है, उसी दल का नेता प्रधानमंत्री बनता है। देश का हर नागरिक अपने मत देने के अधिकार का इस्तेमाल कर सके, यह सुनिश्चित करता है चुनाव आयोग। वह दूर-दराज के दुर्गम इलाकों में भी मतदान केंद्र की व्यवस्था करता है, ताकि एक भी व्यक्ति मतदान करने से वंचित न हो जाए।
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कौन हैं, जो नहीं डाल सकते अपना वोट
ऐसे में 3 लाख लोगों के पास मतदान का अधिकार न होना आपको चौंकाएगा जरूर और आप अवश्य जानना चाहेंगे कि आखिर कौन हैं ये लोग? ये लोग हमारे देश के नागरिक हैं, लेकिन जेल में बंद कैदी हैं। इस बार भी ऐसे कैदियों को वोट देने का अवसर नहीं मिला। दरअसल जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 62 और 5 के अनुसार जेल में सजा काटने वाला व्यक्ति मतदान करने के अयोग्य हो जाता है। तो इसका मतलब है कि देश भर की करीब 1200 जेलों में बंद 3 लाख से ज्यादा कैदी अपना वोट नहीं डाल सकते।
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