बिहार में अल्पसंख्यकों की अनदेखी, एनडीए की लिस्ट में केवल में एक मुस्लिम प्रत्याशी

नई दिल्ली। 2019 लोकसभा चुनाव काफी दिलचस्प होता जा रहा है। इस बार सभी राजनीतिक पार्टियां अपनी साख में बचाने में जुटी हैं। यह चुनाव धीरे-धीरे पूरा विपक्ष बनाम पीएम मोदी बनता जा रहा है। वहीं, एनडीए एक बार फिर सत्ता पर काबिज होने के लिए जीतोड़ मेहनत कर रही है। काफी मंथन के बाद शनिवार को बिहार एनडीए में 39 प्रत्याशियों की सूची जारी की गई, जबकि एक पर अभी सहमति नहीं बन पाई है। सूची में पुराने नाम कटे हैं, तो कुछ नया नाम भी जोड़ गया है। लेकिन, जब आप पूरी सूची को गौर से देखेंग तो बड़ा उलटफेर नजर आएगा। क्योंकि, एनडीए की लिस्ट में अल्पसंख्यकों की अनदेखी आपको साफ नजर आ जाएगी।
 अल्पसंख्यकों की अनदेखी
बिहार एनडीए में तीन पार्टियां एक साथ हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), जनता दल यूनाइटेड (जदयू), लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) तीनों साथ मिलकर चुनाव लड़ रही हैं। इनमें 17-17 सीटों पर भाजपा-जदयू, तो 6 सीटों पर लोजपा चुनावी ताल ठोक रही है। तीनों पार्टियों ने एक तरह से अल्पसंख्यों की अनदेखी की है। हालांकि, जदयू ने औपचारिकता पूरी करते हुए एक मुस्लिम उम्मीदवार को मैदान में उतारा है। जदयू ने किशनगंज लोकसभा सीट से महमूद अशरफ को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। वहीं, भाजपा और लोजपा ने खानापूर्ति तक नहीं की। इतना ही नहीं भाजपा ने शाहनवाज हुसैन का टिकट तक काट दिया है। लिहाजा, बिहार में एनडीए को लेकर आवाज उठनी शुरू हो गई है। कुछ लोग सवाल कर रहे हैं कि क्या एनडीए में अल्पसंख्यकों के लिए कोई जगह नहीं। हालांकि, पार्टी ने इस मामले को लेकर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है। लेकिन, कयास लगाया जा रहा है कि इस पर भी राजनीतिक गरमा सकती है और चुनाव में एनडीए कहीं इसका खामियाजा भी नहीं भुगतना पड़ जाए।
एक बार आप भी एनडीए की पूरी लिस्ट देखिए-