पॉलिटिकल खिलाड़ी नरेंद्र मोदी को बॉलीवुड खिलाड़ी अक्षय कुमार की जरुरत क्यों पड़ी? अनहोनी की आशंका तो नहीं…

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 के तीन चरण पूरे हो चुके हैं। देश की आधी करीब लोकसभा सीटों पर मतदान हो चुका है। चौथा चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा। इसी बीच देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बॉलीवुड के ‘खिलाड़ी’ अक्षय कुमार के साथ इंटरव्यू काफी चर्चा में आ गया है। जिसमें अक्षय कुमार ने नरेंद्र मोदी से कई तरह के सवाल अलग अंदाज में पूछे हैं। जिनके जवाब भी पीएम मोदी ने उसी अंदाज में दिए। यानी प्योर पॉलिटिकल फिगर नरेंद्र मोदी आखिर ‘इमोशनल’ कैसे हो गए। क्या यह तीन चरणों के मतदान के बाद किसी अनहोनी की आशंका का अहसास तो नहीं है। ऐसे कई सवाल इस इंटरव्यू के आने के बाद खड़े हो गए हैं।
यह भी पढ़ेंः- ममता बनर्जी ने झाड़ा खुद पर बन रहे बायोपिक से पल्ला, कहा- मैं मोदी नहीं हूं
खिलाड़ी को खिलाड़ी की जरुरत क्यों? तीन चरणों के मतदान के बाद आखिर ऐसा क्या हो गया कि देश के सबसे बड़े पॉलिटिकल ‘ब्रांड’ नरेंद्र मोदी को अक्षय कुमार के साथ स्क्रीन शेयर करना पड़ रहा है। जबकि नरेंद्र मोदी के स्टाइल पर नजर डाले तो यह स्पष्ट है कि जब वे खुद सामने आते हैं तो वो किसी के साथ स्क्रीन शेयर करना पसंद नहीं करते हैं। आखिर देश के सबसे बड़े राजनीतिक खिलाड़ी नरेंद्र मोदी को बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार की जरुरत क्यों पड़ी?
यह भी पढ़ेंः- NIA कोर्ट से प्रज्ञा ठाकुर को बड़ी राहत, चुनाव पर रोक लगाने से इनकार, एनआईए को लगाई फटकार
अक्षय ने इंटरव्यू किसके और किसलिए किया? आखिर अक्षय कुमार ने यह इंटरव्यू किसके और किस लिए किया? अक्षय कुमार को इससे पहले कभी नेता का इंटरव्यू करते नहीं देखा गया है। उन्होंने संभवत: पहली बार किसी पॉलिटिकल फिगर का इंटरव्यू किया है। वो भी नरेंद्र मोदी का। अब सवाल ये भी है कि उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इंटरव्यू किया या फिर नरेंद्र मोदी? क्योंकि दोनों के मायने अलग-अलग हैं। क्या इस इंटरव्यू माध्यम से वो नरेंद्र मोदी का लोकसभा चुनाव में प्रचार करना चाहते हैं?
यह भी पढ़ेंः- J-K पुलिस ने भटिंडा से एक कश्मीरी छात्र को किया गिरफ्तार, सेना के काफिले पर बना रहा था हमले की योजना
आखिर किसने किया फाइनेंस? इस इंटरव्यू को लेकर एक और बड़ा सवाल सामने आ रहा है? जो अक्षय कुमार साल में चार-पांच फिल्में करते हैं। जिनके लिए वो करोड़ों रुपयों की फीस लेते हैं। अवॉर्ड फंक्शन में परफॉर्मेंस के लिए करोड़ों रुपए चार्ज करते हैं। कई ब्रांड्स का एंडोर्समेंट वो मोटी फीस लेकर करते हैं। ऐसे में उन्होंने इस इंटरव्यू के लिए कितने रुपए लिए। अगर अक्षर कुमार ने इस इंटरव्यू का चार्ज किया है तो इस इंटरव्यू को फाइनेंस किसने किया?
यह भी पढ़ेंः- रोहित शेखर मर्डर केस में पत्नी गिरफ्तार, अपूर्वा ने कबूला ‘गला दबाकर की थी हत्या’
नरेंद्र मोदी ने अक्षय को ही क्यों चुना? नरेंद्र मोदी ने अक्षय कुमार का ही चयन क्यों किया? यह बात किसी से छिपी नहीं है कि अक्षय कुमार मौजूदा समय में देश के सबसे पसंदीदा फिल्मी एक्टर हैं। उनकी फिल्मों को देश के हर उम्र का आदमी पसंद कर रहा है। पिछले कुछ सालों से जिस तरह की फिल्में अक्षय कुमार कर रहे हैं उससे भी देश के लोगों में काफी प्यार बढ़ा है। खास बात तो से है कि टॉयलेट: एक प्रेम कथा फिल्म स्वच्छ भारत या यूं कहें कि शौच मुक्त भारत कैंपेन से काफी मिलती जुलती भी थी। कई बार अक्षय को पीएम नरेंद्र मोदी के साथ देखा भी गया है। ऐसे में क्या यही कारण तो नहीं जिसकी वजह से नरेंद्र मोदी ने इस इंटरव्यू के लिए अक्षय को चुना?
यह भी पढ़ेंः- सीताराम येचुरी ने कन्‍हैया के लिए बेगूसराय में किया प्रचार, कहा- ‘ मोदी को हराना सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा’
बड़ा स्वाल: किसी अनहोनी की आशंका तो नहीं? इंटरव्यू को सवालों के घेरे में इसलिए भी रखा जा रहा है आखिर तीन चरणों के बाद नरेंद्र मोदी और बीजेपी को किसी अनहोनी की तो आशंका तो नहीं है? एक बीजेपी नेता ने नाम ना प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि बीते तीन चरणों के मतदान में भाजपा को कोई खास फायदा होता हुआ नहीं दिखाई दे रहा है। पार्टी और खुद नरेंद्र मोदी को 2014 में जीती सीटें हाथ से खिसकती हुई दिखाई दे रही हैं। वहीं दूसरी ओर पार्टी के विकास और राष्ट्रवाद के मुद्दे को जनता ने नकार दिया है।
यह भी पढ़ेंः- भाजपा को क्यों है दक्षिण की 130 सीटों से अप्रत्याशित परिणाम की उम्मीद?
इनके आने से भी उठे सवाल वहीं दूसरी ओर चुनाव के बीच बीजेपी और नरेंद्र मोदी कुछ ऐसे भी सवालों के घेरे में आ गए हैं, जिनके बारे में एक या दो महीने पहले सोचा भी नहीं गया था। वैसे तो किसी को भी चुनावों के बीच पार्टी में शामिल करना कोई नई बात नहीं है। लेकिन बीजेपी ने दो ऐसी शख्सियतों को चुनावी मैदान में आने का मौका दिया है, जिनके बारे में कभी नहीं सोचा गया था। पहला नाम है साध्वी प्रज्ञा का। जिसे दूसरे चरण के बाद साध्वी प्रज्ञा को न केवल बीजेपी में शामिल किया, बल्कि उन्हें भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस के कद्दावर नेता दिग्विजय सिंह के सामने टिकट दिया गया। वहीं बॉलीवुड के जूनियर ही-मैन यानी सनी देओल को बीजेपी में शामिल किया गया है। सनी देओल गुरदासपुर लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी होंगे।