पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुखराम अपने पोते के साथ कांग्रेस में शामिल, बेटा जयराम सरकार में मंत्री

नई दिल्ली। अगामी लोकसभा चुनाव की सरगर्मी चरम पर है। वहीं, दल-बदल की राजनीति भी जोर-शोर से चल रही है। कई दिग्गज नेता अपनी किस्मत आजमाने के लिए अब तक पार्टी बदल चुके हैं। वहीं, हिमाचल प्रदेश में भी बड़ा बदलाव हुआ है। पूर्व केन्द्रीय मंत्री और सीनियर लीडर पंडित सुखराम ने एक बार फिर घर वापसी करते हुए कांग्रेस ज्वाइन किया है। सुखराम के साथ-साथ उनके पोते आश्रय शर्मा ने भी कांग्रेस का दामन थामा है।
सुखराम ने पोते के साथ की घर वापसी
जानकारी के मुताबिक, पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित सुखराम पोते आश्रय शर्मा सहित कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। दोनों नेताओं को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में पार्टी की सदस्यता दिलाई। चर्चा यहां तक है कि सुखराम के पोते आश्रय शर्मा मंडी लोकसभा सीट से चुनावी ताल ठोकेंगे। उनका टिकट फाइनल हो चुका है, बस औपचारिक ऐलान होना बाकी है। गौरतलब है कि सुखराम हिमाचल प्रदेश के जाने-माने नेता हैं और उनकी अच्छी पकड़ भी है।
सुरखराम के बेटे जयराम सरकार में मंत्री
वहीं, सुरखराम के बेटे और आश्रय शर्मा के पिता अनिल शर्मा जयराम सरकार में ऊर्जा मंत्री हैं। उन्होंने 2017 में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। हालांकि, अपने पिता और बेटे की वजह से उन्होंने अपना मंत्री पद भी दांव पर लगा दिया है। दरअसल, उन्होंने कहा है कि लोकसभा चुनाव में वो भाजपा के लिए प्रचार-प्रसार नहीं करेंगे। अनिल शर्मा ने यह भी कहा है कि वह अपने पिता पंडित सुखराम और बेटे आश्रय के खिलाफ नहीं जा सकते लेकिन कांग्रेस के लिए भी वह प्रचार नहीं करेंगे। अब देखना यह है कि पिता-पुत्र के बीच अनिल शर्मा की राजनीति भाजपा में आगे चल पाती है या फिर वो भी कांग्रेस से ‘हाथ’ मिलाएंगे।