पीएम मोदी को मनीष सिसोदिया के तीन चैलेंज, दिल्ली के मुकाबले बीजेपी का एक राज्य बताएं

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव मे नेताओ की जुबानी जंग ने जोर पकड़ना शुरू कर दिया है। दरअसल अब बात देश की राजधानी दिल्ली के दंगल तक जो आ पहुंची है। जी हां 12 मई को दिल्ली की सातों लोकसभा सीट पर होने वाले मतदान से पहले राजनीतिक दलों ने अपने जुबानी तरकश से तीर चलाने शुरू कर दिए हैं। इस निशानेबाजी में खुद पीएम नरेंद्र मोदी भी पीछे नहीं हैं। उन्होंने दिल्ली के रामलीला मैदान में आप सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए दिल्ली की सरकार को नाकामपंथी कह डाला। खास बात यह है कि पीएम मोदी के इस बयान के बाद आप ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया और आप नेता मनीष सिसोदिया ने मोर्चा संभालते हुए पीएम मोदी को तीन चैलेंज दे डाले।
सिसोदिया के तीन चैलेंजमनीष सिसोदिया ने पीएम मोदी के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा, ‘सर! आपके जुमला-पंथी मॉडल से कहीं अच्छा है हमारा नाकामपंथी मॉडल। पांच साल की सरकार के बाद भी नेहरू को गाली देकर वोट मांग रहे हो। सिसोदिया इस दौरान पीएम मोदी को तीन चैलेंज भी किए…1.भाजपा शासित किसी भी राज्य में दिल्ली जैसे सरकारी स्कूल हों तो बताएं2. भाजपा वाले किसी भी राज्य में दिल्ली से सस्ती बिजली मिलती हो तो बताएं3. आपके किसी भी राज्य में दिल्ली जैसे निजी स्कूल जो कम फीस लेने वाले हों बताएं(नोएडा, गुड़गांव के मुकाबले)
 

सर! आपके जुमला-पंथी मॉडल से कहीं अच्छा है हमारा नाकामपंथी मॉडल…. पाँच साल की सरकार के बाद भी नेहरु को गाली देकर वोट माँग रहे हो आप..आपकी भारतीय जुमला पार्टी की एक भी राज्य सरकार में दिल्ली जैसे सरकारी स्कूल हों तो बताइएगा सर! जी हाँ ..एक भी….. https://t.co/BFm611W4ZB— manish sisodia (@msisodia) May 9, 2019

आप… आपकी भारतीय जुमला पार्टी की एक भी राज्य सरकार में दिल्ली जैसे सरकारी स्कूल हों तो बताइएगा सर! जी हां…एक भी…। आपकी भारतीय जुमला पार्टी की एक भी राज्य सरकार में दिल्ली से सस्ती बिजली मिलती हो तो जरूर बताइएगा सर…जी हां…एक भी…। दिल्ली में जो निजी स्कूल 5 हजार फीस लेते हैं वही स्कूल, नरेंद्र मोदी सर आपके जुमलापंथी मॉडल वाले नोएडा और गुड़गांव में दोगुना फीस वसूलते है। मिस्टर जुमलापंथी! आपको यकीन न हो तो अपनी ही पार्टी के लोगों से पूछ लें, जिनके बच्चे नोएडा-गुड़गांव में पढ़ते हैं।’
आपको बता दें कि पीएम मोदी ने रामलीला मैदान से आप सरकार को जमकर घेरा था। पीएम मोदी ने कहा था कि जो देश से भ्रष्टाचार मिटाने आए थे वो खुद ही भ्रष्ट हो गए। जो देश बदलने आए थे वो खुद ही बदल गए। इन्होंने देश में व्यवस्था सुधारने वाले का काम को खत्म कर दिया ये खुद ही अव्यस्थ हो गए।