नीतीश कुमार की महागठबंधन में जाने की चर्चा पर लगा विराम, आज शाह की दावत में होंगे शामिल

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण में मतदान के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर की ओर से नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताए जाने पर भाजपा को नसीहत दी थी। प्रज्ञा ठाकुर को पार्टी से बाहर निकालने का भाजपा नेतृत्‍व को सुझाव भी दिया था। उनके इस बयान के बाद सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा होने लगी थी कि नीतीश कुमार नए सियासी समीकरणों को देखते एक बार फिर पाला बदल सकते हैं। अब उन्‍होंने शाह की दावत में शामिल होने की जानकारी देकर पाला बदलने की चर्चा पर विराम लगा दिया है।

Bihar Chief Minister and JD(U) leader Nitish Kumar to attend the dinner hosted by BJP President Amit Shah for NDA allies in Delhi today. (file pic) pic.twitter.com/diL6aFOhvF— ANI (@ANI) May 21, 2019

एग्जिट पोल ने बदला मन
बताया जा रहा है कि रविवार को एग्जिट पोल का परिणाम सामने आने के बाद उन्‍होंने अपना मन बदल लिया है। इतना ही नहीं वो मंगलवार को भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह की ओर से एनडीए के सहयोगियों के साथ आयोजित डिनर पार्टी में भी शामिल होंगे। इस कदम से महागठबंधन में उनके शामिल होने की चर्चा पर पूरी तरह से विराम लग गया है।
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दरअसल, लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर एक्जिट पोल के पूर्वानुमानों से उत्साहित भाजपा ने मंगलवार को सहयोगी दलों की बैठक बुलाई है। इस बैठक में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह 23 मई को होने वाली मतगणना और संभावित परिस्थितियों को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नेताओं से विचार और आगे की रणनीति तय करेंगे। इससे पहले अमित शाह भाजपा के मंत्रियों के साथ बैठक करेंगे। भाजपा अध्यक्ष बैठक के बाद राजग नेताओं के साथ डिनर भी करेंगे।
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सरकार बनाने के लिए मैजिक नंबर 272
आपको बता दें कि सातों चरण का मतदान होने के बाद 14 एक्जिट पोल में से 12 ने राजग को 282 से लेकर 365 सीटों के मिलने के साथ पूर्ण बहुमत मिलने की बात कही गई है। सरकार बनाने के लिए पार्टी या गठबंधन को 272 सीटों की जरूरत है। एक्जिट पोल में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूपीए को 82 से 165 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।
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