दिल्ली में कांग्रेस का आप के साथ गठबंधन पर सीएम केजरीवाल ने रखी शर्तें, मंथन जारी

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव शुरू होने में एक सप्ताह से भी कम का समय बचा हुआ है। लेकिन दिल्ली में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच गठबंधन का मामला अभी तक नहीं सुलझा है। हर दिन दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व इस मुद्दे पर मंथन करने में जुटा हुआ है। इसी बीच आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस के सामने नई शर्त रख दी है। आम आदमी पार्टी ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कांग्रेस के साथ गठबंधन करने के लिए शर्त रखते हुए कहा है कि पार्टी कांग्रेस के साथ तभी चुनावी गठबंधन करेगी जब हरियाणा और चंडीगढ़ में भी दोनों दल मिल कर चुनाव लड़ें। पार्टी सूत्रों ने बताया कि आप ने कांग्रेस नेतृत्व के सामने दो शर्तें रखी हैं। इसमें पहली शर्त है कि दिल्ली के साथ हरियाणा और चंडीगढ़ में भी कांग्रेस गठबंधन करे और दूसरा, कांग्रेस को आप के दिल्ली को पूर्ण राज्य के दर्जे की मांग का समर्थन करना चाहिए।
कांग्रेस-आप के बीच गठबंधन की अटकलें तेज
गौरतलब है कि दिल्ली के सियासी गलियारो में कांग्रेस पार्टी में आम आदमी के साथ गठबंधन को लेकर पिछले दो दिनों से हलचल तेज है। इसी सिलसिले में शनिवार को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष शीला दीक्षित ने राहुल गांधी से मुलाकात कर इस मुद्दे पर चर्चा की है। वहीं कांग्रेस में बड़ी हलचल के बीच आप की दिल्ली इकाई के संयोजक गोपाल राय, सांसद संजय सिंह और वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया के साथ बैठक की।
हरियाणा, दिल्ली और चंडीगढ़ में एक साथ चुनाव लड़ने की मांग
सूत्रों ने जानकारी दी है कि बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि ‘‘कांग्रेस के साथ गठबंधन तभी संभव है जब हरियाणा की 10 , दिल्ली की सात और चंडीगढ़ लोकसभा सीट पर दोनों दल मिल कर एक साथ चुनाव लड़ें। इसके अलावा कांग्रेस को आप को दिल्ली की पूर्ण राज्य की मांग का भी समर्थन करना चाहिए। वहीं सीएम केजरीवाल दिल्ली की जनता से अपील की है कि सातों सांसद AAP के बना दो, दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा केंद्र से हम छीन लेंगे।