…तो क्या वायनाड के लिए अमेठी लोकसभा सीट छोड़ देंगे राहुल गांधी?

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने हजारों समर्थकों के बीच केरल की वायनाड लोकसभा सीट से नामांकन दाखिल कर दिया है। राहुल जब पहली बार दो सीटों से चुनाव लड़ने की दिशा में पहला कदम बढ़ा रहे थे, तब उनके साथ बहन प्रियंका गांधी मौजूद थीं। पर्चा दाखिल करने के बाद बहन प्रियंका गांधी को अपने भाई राहुल पर प्यार आया। उन्होंने एक इमोशनल ट्वीट में अपनी बात रखी और एक तस्वीर शेयर की। लेकिन प्रियंका ने इस ट्वीट में कुछ ऐसा भी लिखा है, जो राहुल के लिए मुश्किलें और बीजेपी के लिए राह आसान कर सकता है।
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My brother, my truest friend, and by far the most courageous man I know. Take care of him wayanad , he wont let you down. pic.twitter.com/80CxHlP24T— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) April 4, 2019

प्रियंका ने ट्विटर पर क्या लिखा?
सबसे पहले आप कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के उस अंग्रेजी ट्वीट का अक्षरश: हिंदी में मतलब समझ लीजिए। उन्होंने लिखा… ‘मेरा भाई, मेरा सबसे सच्चा दोस्त और मैंने जितने लोग देखे आज तक, उनमें से सबसे बहादुर इंसान। वायनाड, इसका ख्याल रखना। वो आप लोगों को निराश नहीं करेगा।
राहुल के सामने अमेठी Vs वायनाड
अब प्रियंका के ट्वीट का मतलब इस तरह समझिए कि अगर राहुल गांधी अमेठी और वायनाड दोनों सीटों से चुनाव जीत जाते हैं। तो नियम के मुताबिक उनको दोनों में से कोई एक सीट छोड़नी होगी। अब राहुल कौन सी सीट छोड़ेंगे? तीन बार लोकसभा पहुंचाने वाली अमेठी सीट या फिर पहली बार केरल से जीत दिलाने वाली वायनाड सीट?
क्या अमेठी को निराश करेंगे राहुल?
अब बात राहुल गांधी की बहन और ‘दोस्त’ प्रियंका गांधी के वादे की। उन्होंने अपने ट्वीट में साफ लिखा है कि ‘वायनाड को राहुल निराश नहीं करेंगे’। इसका मतबल ये हुआ कि कांग्रेस अध्यक्ष अपनी परंपरागत सीट अमेठी की जनता को निराश कर वायनाड की जनता के साथ चलेंगे ?
प्रियंका संभालेंगी अमेठी की विरासत?
राजनीतिक पंडित भी प्रियंका के इस ट्वीट को एक संकेत की तरह देख रहे हैं। उनका मानना है कि राहुल गांधी दक्षिण (वायनाड) के लिए उत्तर (अमेठी) का हाथ छोड़ देंगे। दूसरी ओर राजनीतिक गलियारे में ये भी चर्चा है कि अब अमेठी की उस विरासत प्रियंका गांधी को सौंपी जा सकती है, क्योंकि इस सीट से राजीव गांधी और सोनिया गांधी भी सांसद रह चुके हैं।