टेरर फंडिंग: अलगाववादियों को NIA के समन पर बोलीं महबूबा- ये हमारी धार्मिक पहचान पर हमला

नई दिल्ली। टेरर फंडिंग मामले में जम्मू कश्मीर के अलगाववादी नेताओं को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NAI) ने पूछताछ के लिए दिल्ली तलब किया है। इसे लेकर राज्य पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने आपत्ति जताई है। पीडीपी नेता कहा कि ये समन कश्मीरियों की धार्मिक पहचान पर सरकार के बार-बार हमले का प्रतीक है। वहीं श्रीनगर के कई व्यापारियों और कारोबारियों ने दो दिवसीय बंद की घोषणा भी की है।
बार-बार हमारी धार्मिक पहचान पर हमला: महबूबा
महबूबा ने ट्विटर पर लिखा कि मीरवाइज फारूक कोई सामान्य अलगाववादी नेता नहीं हैं। वह कश्मीरी मुस्लिमों के धार्मिक व आध्यात्मिक प्रमुख हैं। एनआईए का उनको समन भेजना भारत सरकार के बार-बार हमारी धार्मिक पहचान पर हमले का प्रतीक है। वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए जम्मू-कश्मीर को बलि का बकरा बनाया जा रहा है।
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Mirwaiz Farooq isn’t any ordinary separatist leader . He is religious & spiritual head to Kash muslims. NIA summons to him are emblematic of GOIs repeated assaults on our religious identity. J&K is the proverbial sacrificial lamb exploited to divert attention from real issues.— mehbooba mufti (@MehboobaMufti) March 10, 2019

सोमवार को दिल्ली तलब किए हैं अलगाववादी नेता
बता दें कि एनआईए ने घाटी के अलगाववादी नेताओं को पूछताछ के लिए दिल्ली तलब किया है। एजेंसी ने अवामी एक्शन कमिटी के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक और कट्टरपंथी हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी के बेटे नसीम गिलानी को टेरर फंडिंग मामले की मौजूदा जांच के बुलाया है। दोनों से सोमवार को नई दिल्ली स्थित एजेंसी के मुख्यालय में पूछताछ की जाएगी। बताया गया है कि फारूक और गिलानी को आतंक-रोधी जांच एजेंसी ने गुरुवार को समन जारी किया था।