जिस परियोजना के लिए पीएम ने समर्पित की अपने अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार की राशि, कांग्रेस ने उसी के खिलाफ जारी किया आरोपपत्र

नई दिल्ली। कांग्रेस ने आगामी लोकसभा चुनाव 2019 ( Loksabha elections 2019 ) के लिए अपना मेनिफेस्टो यानी घोषणापत्र पहले ही जारी कर दिया था। जिसपर अलग-अलग तबकों से हर तरीकें की टिप्पणी मिली। इसके बाद अब पार्टी ने मोदी सरकार की परियोजनाओं को लेकर चार्जशीट (आरोपपत्र) जारी किया है। रविवार को पार्टी ने नमामि गंगे परियोजना की विफलता से लेकर उत्तराखंड में बेरोजगारी बढ़ाने का आरोप वाला आरोपपत्र जारी किया। इसमें केंद्र और राज्य सरकारों पर निशाना साधा गया। आरोपपत्र में कहा गया है कि केंद्र और प्रदेश की सरकारों ने अपने वादे पूरे नहीं किए।
मतदान से चार दिन पहले आरोपपत्र
राज्य में लोकसभा चुनाव के प्रथम चरण के लिए 11 अप्रैल को होने वाले मतदान से ठीक चार दिन पहले वरिष्ठ कांग्रेस नेता नवप्रभात द्वारा तैयार किया गया 12 पृष्ठों का आरोपपत्र जारी किया गया। इसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार ने गंगा को स्वच्छ बनाने के नाम पर 20,000 करोड़ रुपये की राशि बर्बाद कर दी। जबकि जबकि गंगा मैया की सफाई के बारे में असलियत सबको मालूम है। सर्वे की मानें तो गंगा में प्रदूषण घटने के बजाए और बढ़ा है। यही नहीं आरोपपत्र में बीते पिछले पांच साल में गंगा की सफाई के लिए लगाए गए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की संख्या के बारे में भी जानकारी मांगी गई है।
पीएम मोदी ने पुरस्कार राशि परियोजना को की थी समर्पित
इसके साथ ही आरोपपत्र में उत्तराखंड में बेरोजगारी का मसला उठाते हुए कहा गया है कि प्रदेश में 10 लाख से ज्यादा पंजीकृत शिक्षित बेरोजगार हैं। आरोपपत्र में कहा गया है कि विधानसभा चुनाव 2017 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नई नौकरियां पैदा करने का वादा किया था, लेकिन अब तक सरकार ने युवाओं को धोखा ही दिया है। आपको बता दें कि नमामि गंगे भाजपा की काफी चर्चित परियोजना है। सत्ता में आने से पहले भाजपा के कई नेताओं ने गंगा की सफाई को लेकर बड़े दावे किए थे। यही नहीं बीते फरवरी में दक्षिण कोरिया की ओर से सियोल शांति पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर भी पीएम मोदी ने पुरस्कार राशि इस परियोजना के फंड को समर्पित कर दी थी।