जम्मू कश्मीर: जमात-ए-इस्लामी पर बैन पर का विरोध, सड़क पर उतर गईं महबूबा मुफ्ती

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर की पूर्व सीएम और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती में जमात-ए-इस्लामी (JIE) पर प्रतिबंध और सदस्यों की गिरफ्तारी के खिलाफ सड़क पर उतर गई हैं। मुफ्ती ने बुधवार को अनंतनाग इलाके में अपनी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के जुलूस की अगुवाई की।
हम बर्दाश्त नहीं करेंगे: मुफ्ती
पीडीपी की प्रमुख ने कहा कि अहले हदीथ से संबंधित जमात मौलवियों और इमामों की गिरफ्तारी हमारे धार्मिक मामलों में प्रत्यक्ष हस्तक्षेप है। उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। पूर्व सीएम ने सरकार से सभी गिरफ्तार सदस्यों को रिहा करने की मांग की है। साथ ही महबूबा ने कहा कि आप किसी विचारधारा या विचार को बंद करके नहीं रख सकते।
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J&K: Former J&K CM & PDP Chief mehbooba mufti holds protest in Anantnag against the ban on Jamaat-e-Islami, says, “We want that the ban must be lifted. We’ll go to district level now, then we will go to every segment. Elderly people who have been arrested must be released.” pic.twitter.com/pPmwgLpydb— ANI (@ANI) March 6, 2019

जमात-ए-इस्लामी पर क्यों लगा बैन
बता दें कि पुलवामा हमले के बाद केंद्र सरकार आतंकवाद पर नकेल कसने की कोशिश कर रही है। इसी कड़ी में सरकार ने जमात-ए-इस्लामी को ‘गैरकानूनी’ घोषित कर बैन लगा दिया था। माना जाता है कि घाटी में अलगाववादी विचारधारा और आतंकवादी मानसिकता के बढ़ाने के लिए जमात-ए-इस्लामी प्रमुख जिम्मेदार संगठन है।
जमात की संपत्तियों जब्त करने के आदेश
इसके साथ ही सरकरा ने जमात के सामाजिक-राजनीतिक धार्मिक समूह की संपत्तियों को जब्त करने के आदेश दिए। प्रशासन ने कहा कि समूह के स्वामित्व वाले अनाथालयों और मस्जिदों को जब्ती आदेश से बाहर रखा गया है। इससे पहले पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए जमात-ए-इस्लामी कैडर के दर्जनों लोगों को हिरासत में ले लिया, जिसमें इसका सरगना भी शामिल है।