‘जन आवाज’ के 5 बड़े वादों के सामने भाजपा का ‘संकल्प’, ‘सशक्त भारत’ या चलेगा कांग्रेस का ‘न्याय’!

नई दिल्ली। अगामी लोकसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस पार्टी (CONGRESS) ने अपनी मंशा साफ कर दी है। दोनों पार्टियों के घोषणा पत्र जारी हो चुके हैं, साथ ही वादे और दावे जनता के सामने स्पष्ट हो गए हैं। भाजपा ने इस बार अपने संकल्प पत्र का नाम ‘संकल्पित भारत, सशक्त भारत ‘ दिया है। वहीं, कांग्रेस ने ‘जन आवाज’ नाम से मेनिफेस्टो जारी किया है। हालांकि, कांग्रेस ने कवर पेज पर लिखा है, ‘हम निभाएंगे’। दोनों ही पार्टियों ने इस बार कई बड़े-बड़े लोकलुभावन वायदे किए हैं। लेकिन, सवाल यह है कि जनता इस बार कांग्रेस के ‘न्याय’ के साथ जाएगी या फिर ‘सशक्त भारत’ का साथ देगी। एक नजर डालते हैं कांग्रेस और भाजपा के पांच बड़े वायदों पर…
भाजपा का ‘संकल्प’
भाजपा ने इस बार संकल्प पत्र में 75 संकल्पों को जगह दी है। इनमें राम मंदिर, किसान, स्वास्थ्य, पेंशन जैसे बड़े-बड़े वायदे जनता से किए गए हैं। साथ ही पार्टी का कहना है कि राष्ट्रवाद के प्रति हमारी पूरी प्रतिबद्धता है। आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति है। जब तक आतंकवाद समाप्त नहीं होगा यह जीरो टॉलरेंस रहेगा।
1. राममंदिर के बारे में पिछले घोषणा पत्र में जो वायदा किया था, उसे 2019 के संकल्प पत्र में भी दोहराया गया है। केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सौहार्द वातावरण में राम मंदिर का निर्माण होगा।
2. छोटे दुकानदारों को 60 साल के बाद पेंशन की सुविधा उपलब्ध कराने का वादा। साथ ही छोटे और सीमांत किसानों को 60 साल के बाद पेंशन की सुविधा।
3. जम्मू-कश्मीर से धारा 35-ए हटाने की कोशिश करेंगे।
4. आयुष्मान भारत के 1.5 लाख हेल्थ और वेयरनेस सेंटर खोलने का भाजपा ने वायदा किया है।
5. 1 लाख तक का क्रेडिट कार्ड पर जो लोन मिलता है, उस पर 5 साल तक ब्याज जीरो फीसदी का वादा।
कांग्रेस का ‘न्याय’
कांग्रेस ने इस बार ‘जन आवाज’ नाम से अपना घोषणा पत्र जारी किया। इसमें कई बड़े-बड़े वादे किए गए हैं, जिसे राहुल गांधी ने कहा ‘हम निभाएंगे’।
1. कांग्रेस ने सबसे बड़ा और पहला वादा हिंदुस्तान के 20 प्रतिशत गरीब परिवारों से की है। पार्टी का कहना है कि हर साल 72 हजार रुपए और पांच साल में एक गरीब परिवार को इस योजना के तहत 3.60 लाख रुपये मिलेंगे। यह पैसा हर महीने सीधे उनके अकाउंट में जाएंगे। इस योजना का नाम ‘न्याय’ रखा गया है।
2. कांग्रेस ने वादा किया है कि किसानों और गरीबों की जेब में सीधा पैसा जाएगा। पीएम नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी करके देश की अर्थव्यवस्था को जाम किया, वह इस पहल से खत्म हो जाएगा। पार्टी ने किसानों के लिए दो बड़ी चीजें भी सोचीं हैं। किसानों का एक अलग बजट होना चाहिए। देश के किसान को मालूम होना चाहिए कि उसको कितना पैसा मिल रहा है, उसकी एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) कितनी बढ़ाई जा रही है।
3. कांग्रेस ने वादा किया है कि सरकार में आने पर ग्राम पंचायत में 10 लाख युवाओं को रोजगार दिया जाएगा। साथ ही मनरेगा में 150 दिन रोजगार की गारंटी भी दी गई है।
4. कांग्रेस की दूसरी थीम रोजगार है। देश में युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। दो करोड़ रोजगार नहीं मिले । 22 लाख सरकारी रोजगार, उनको कांग्रेस मार्च 2020 तक भर देंगे।
5. कांग्रेस पार्टी का कहना है कि हेल्थ केयर में हमारा जोर प्राइवेट हेल्थ इंश्योरेंस पर नहीं होगा। इसके बजाए हम सरकारी अस्पतालों को मजबूत करने का काम करेंगे। गरीब से गरीब व्यक्ति को सबसे बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले इसकी भी व्यवस्था कांग्रेस की सरकार आने पर की जाएगी।
दोनों ही पार्टियां इन मुद्दों को लेकर चुनावी ‘कुरुक्षेत्र’ में उतर चुकी हैं। अब फैसला जनता के हाथों में है। अगामी 23 मई को जब इन वादों और दावों के परिणाम सामने आएंगे, उससे स्पष्ट हो जाएगा कि ‘जन आवाज’ के साथा ‘न्याय’ हुआ या फिर ‘संकल्प’ के साथ ‘सशक्त भारत’ का आगाज होगा।