चुनाव के दूसरे चरण में 44 सांसद प्रत्याशी मैदान में, लेकिन 4 ‘महोदय’ सदन में रहे मौन

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण के प्रत्याशियों में 44 मौजूदा सांसद हैं। इनमें से चार ऐसे हैं, जिन्होंने संसद में एक भी सवाल नहीं पूछा। चुप रहनेवाले सांसदों में जनता दल (सेकुलर) के एच.डी. देवगौड़ा भी शामिल हैं। लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान 18 अप्रैल को 12 राज्यों की 97 लोकसभा सीटों पर होगा। देवगौड़ा के अलावा, उत्तर प्रदेश के नगीना से चुने गए भाजपा के यशवंत सिंह, कर्नाटक के कोलार से चुने गए के.एच. मुनियप्पा, पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी से चुने गए तृणमूल कांग्रेस के बिजॉय चंद्र बर्मन ने सदन में एक भी प्रश्न नहीं पूछा।
शिवसेना के आनंदराव अदसुल ने पूछे सबसे अधिक सवाल
पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च की ओर से जारी किए गए डाटा के मुताबिक, “चारों ने कोई निजी सदस्य विधेयक भी पेश नहीं किया।”दूसरी तरफ इन 44 सांसदों में सबसे ज्यादा प्रश्न पूछने वालों में शिवसेना के आनंदराव अदसुल हैं। अदसुल ने 1 जून 2014 से 13 फरवरी 2019 तक 1,062 प्रश्न पूछे। प्रश्न पूछने के लिहाज से इस सूची में दूसरे स्थान पर कांग्रेस के सांसद अशोक शंकरराव चौहान हैं। इन्होंने इस दौरान 906 प्रश्न पूछे। आंकड़ों के मुताबिक, ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के जे. जयवर्धन ने सदन में 816 प्रश्न पूछे। वह तमिलनाडु में चेन्नई दक्षिण के सांसद हैं। असम के स्वायत्त जिले से चुने गए कांग्रेस के बीरेन सिंह एंगती ने सदन में केवल एक प्रश्न ही पूछा।
4 कैबिनेट मंत्रियों की किस्मत भी दांव पर
44 सांसदों में, चार कैबिनेट मंत्री डी.वी. सदानंद गौड़ा, जितेंद्र सिंह, जुअल ओरम, पी. राधाकृष्णन भी शामिल हैं। दूसरे चरण के तहत महाराष्ट्र, ओडिशा, मणिपुर, त्रिपुरा, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, जम्मू एवं कश्मीर, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के 97 संसदीय क्षेत्रों में मतदान होगा।