गौतम गंभीर से पहले ये क्रिकेटर कर चुके हैं राजनीति की पिच पर बैटिंग, जानिए कैसा रहा सफर

नई दिल्ली। भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का हाथ थाम लिया है। टीम इंडिया को 2007 टी20 वर्ल्ड कप और 2011 वर्ल्ड कप का खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले गौतम गंभीर अब राजनीति के मैदान पर अपनी पारी की शुरुआत करन वाले हैं। हालांकि, मैदान के खेल से राजनीति के गेम में शामिल होने वाले गौतम गंभीर पहले खिलाड़ी नहीं है, इससे पहले भी कई दिग्गजों ने राजनीति में अपनी किस्मत आजमाई है। इस रिपोर्ट में हम आपको ऐसे ही क्रिकेटर्स के बारे में बताने जा रहे हैं।
नवजोत सिंह सिद्धू
इस लिस्ट में सबसे पहले हम उस क्रिकेटर के बारे में बताने जा रहे हैं, जो हाल के दिनों में काफी विवादों में रहा है। हम बात कर रहे हैं कभी क्रिकेट कमेंटेटर के रूप में मशहूर रहे नवजोत सिंह सिद्धू की। इंटरनेशनल क्रिकेट में 7000 से ज्यादा रन बनाने वाले सिद्धू ने साल 2004 में राजनीति में कदम रखा था। सिद्धू ने भी राजनीति की शुरुआत भाजपा के साथ ही की थी। उन्होंने भाजपा के टिकट से ही लोकसभा चुनाव भी जीता था, हालांकि बीते साल पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले सिद्धू ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस का हाथ लिया। बीते दिनों पाकिस्तान के साथ नजदीकियों और विवादित बयानों को लेकर सिद्धू को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है।चेतन चौहान
खेल के लिए प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित चेतन चौहान ने भी अपने पारी की शुरुआत भाजपा के साथ ही की थी। 1969 में चेतन ने टीम इंडिया की ओर से अपना पहला टेस्ट मैच खेला था। फिलहाल चेतन उत्तर प्रदेश सरकार के अंतर्गत मंत्री हैं। उन्होंने 2017 में उत्‍तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में अमरोहा जिले की नौगावां सादात विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। उन्‍होंने यहां से समाजवादी पार्टी के पूर्व दर्जा प्राप्‍त राज्यमंत्री जावेद आब्दी को हराया था। इससे पहले वह भाजपा के टिकट पर 1991 में अमरोहा से लोकसभा पहुंचे थे। इसके बाद उन्‍होंने फिर 1996 में भाजपा के टिकट पर यहां से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। 1998 में चेतन चौहान यहां से एक बार फिर सांसद चुने गए। साल 1999 और 2004 के लोकसभा चुनाव में भी उन्‍होंने अपनी किस्‍मत आजमाई, लेकिन हार गए।कीर्ति आजाद
लिस्ट में जिनका अगला नाम हैं, उन्होंने भी क्रिकेट छोड़ने के बाद भाजपा का दामन थामकर ही राजनीति की शुरुआत की थी। हम बात कर रहे हैं कीर्ति आजाद की। कीर्ति आजाद को राजनीति पारिवारिक विरासत के रूप में मिली थी। उनके पिता भगवंत झा बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। पार्टी में उनके इस ओहदे से आजाद को कई फायदे भी हुए। हालांकि, सिद्धू की तरह ही कीर्ति भी फिलहाल कांग्रेस के साथ जुड़ गए हैं।मोहम्मद अजहरूद्दीन
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन भी राजनीति में अपनी नसीब आजमा चुके हैं। लिस्ट में अन्य खिलाड़ियों से अलग अजहर ने कांग्रेस का हाथ थामकर राजनीति में एंट्री की थी। पार्टी की टिकट पर उन्होंने यूपी के मुरादाबाद से लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीता भी। हालांकि, इसके बाद 2014 के आम चुनावों में वह अपनी सीट बचाने में नाकामयाब रहे।मोहम्मद कैफ
मोहम्मद कैफ ने भी कांग्रेस के सदस्य के रूप में अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की थी। लॉर्ड्स में खेले गए नेटवेस्ट ट्रॉफी के फाइनल के हीरो रहे मोहम्मद कैफ ने कांग्रेस की ओर से 2014 आम चुनाव लड़ा। पार्टी की टिकट पर उन्होंने फूलपुर सीट से किस्मत आजमाई, हालांकि यहां उन्हें भाजपा के केशव प्रसाद मौर्या से हार झेलनी पड़ी।एस. श्रीसंत
भारतीय टीम के तेज गेंदबाज एस. श्रीसंत केरल विधानसभा चुनाव के दौरान राजनीति में शामिल हुए थे। उन्होंने भाजपा की ओर से चुनाव भी लड़ा था, लेकिन क्रिकेट में सफल गेंदबाज श्रीसंत को इसमें कामयाबी नहीं मिल पाई। आपको बता दें कि टीम इंडिया को दो वर्ल्ड कप जिताने वाले श्रीसंत आईपीएल फिक्सिंग के बाद से आजीवन बैन झेल रहे हैं। हालांकि, हाल ही सुप्रीम कोर्ट ने इस बैन को हटाने का फैसला सुनाया है।इन क्रिकेटरों की तरह शुक्रवार को पूर्व टीम इंडिया ओपनर बल्लेबाज भी लोकसभा चुनाव से पहले राजनीति में उतर चुके हैं। उन्होंने वित्त मंत्री अरुण जेटली और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली।