केजरीवाल जलाएंगे भाजपा का घोषणापत्र, भाजपा भी करेगी विरोध

नईदिल्‍़ली। आम आदमी पार्टी दिल्ली में पूर्ण राज्य के मुद्दे को आगामी लोकसभा चुनाव के लिए सबसे बड़ा चुनावी हथियार बनाने जा रही है। आज पार्टी कार्यालय में पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एलान किया कि वे भाजपा के पिछले चुनाव के घोषणापत्र को जलाएगी। आप का दावा है कि भाजपा ने तब दिल्ली को पूर्ण राज्य का वादा किया और अब इसका विरोध कर रही है। उधर, इसी दिन भाजपा ने भी केजरीवाल के विरोध में प्रदर्शन का कार्यक्रम रखा है। पार्टी का दावा है कि दिल्ली में विकास का दावा करने वाली केजरीवाल सरकार हर मुद्दे पर फेल रही है।
उत्तराखंड व तेलंगाना की तरह होगा आंदोलन
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जिस प्रकार तेलंगाना के लोगों ने संघर्ष करके अपने लिए अलग राज्य लिया, जिस प्रकार से उत्तराखंड के लोगों ने संघर्ष करके अपने लिए अलग राज्य लिया, उसी प्रकार से अब दिल्ली की जनता भी दिल्ली को पूर्ण राज्य बनाने के लिए संघर्ष करेगी, और अपनी दिल्ली को पूर्ण राज्य बनवा कर ही दम लेगी।
क्यों है पूर्ण राज्य का मुद्दा अहम
केजरीवाल ने दावा किया कि दिल्ली को हर काम के लिए केन्द्र सरकार पर निर्भर रहना पड़ता है। दिल्ली देश का दूसरा ऐसा राज्य है जो केंद्र सरकार को सबसे ज्यादा राजस्व इकट्ठा करके देता है। डेढ़ लाख करोड़ रुपये का इनकम टैक्स दिल्ली की जनता केंद्र सरकार को देती है, और बदले में केंद्र सरकार दिल्ली के लोगों के लिए मात्र ३२५ करोड रुपए खर्च करती है। उन्होंने कहा कि १५ लाख की आबादी वाले छोटे से राज्य गोवा पर केंद्र सरकार प्रति वर्ष 3200 करोड़ रुपए, गुजरात पर २६००० करोड रुपए और उत्तर प्रदेश पर डेढ़ लाख करोड़ रुपए खर्च करती है। लेकिन दो करोड़ आबादी वाले दिल्ली के लिए मात्र 325 करोड़, यह दिल्ली के साथ सरासर नाइंसाफी है। दूसरे सियासी दल दिल्ली को पूर्ण राज्य बनाने की पहल का दावा जरुर करते हैं लेकिन केवल और केवल सियासत करते हैं।
अपनी नाकामियों को छुपाना चाहते हैं केजरीवाल – मनोज तिवारी
दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने ही ऐसी स्थिति पैदा कि जिससे की पूर्ण राज्य की कोशिशों को सबसे बड़ा झटका लगा। अरविंद केजरीवाल चार साल तक कुछ नहीं बोले लेकिन अब चुनाव के समय पूर्ण राज्य का राग अलाप रहे हैं। पूर्ण राज्य का दर्जा केवल अपनी असफलताओं को छुपाने के लिए है। केन्द्र सरकार की विकास और जनता से संबंधित जन उपयोगी योजनाओं को नहीं लागू किया जिसमें आयुष्मान योजना भी शामिल है। सुप्रीम कोर्ट से भी अधिकारों के मसले पर केजरीवाल को झटका लग चुका है। जो व्यक्ति सुप्रीम कोर्ट का मान नहीं रख सकता है उसे क्या कहा जाएगा।