कांग्रेस का घोषणा पत्र: राहुल बोले- हम राष्ट्रीय सुरक्षा से नहीं होने देंगे खिलवाड़

नई दिल्ली। आगामी लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी ने अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है। इसके अनावरण के बाद अपने भाषण में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बताया कि इसबार मेनिफेस्टो को पांच थीम में बांटा गया है। ‘जन आवाज’ नाम के मेनिफेस्ट का कवर ‘हम निभाएंगे’ रखा गया है। अलग-अलग सेक्टरों के साथ इस मेनिफेस्टो में राष्ट्रीय और आंतरिक सुरक्षा में क्या खास है, इस रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे।
52 सूत्रीय घोषणापत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर कहा गया, ‘एक मजबूत रक्षा नीति, एक गंभीर विदेश नीति और परिपक्वपीठ थपथपाने और अतिशयोक्तिपूर्ण दावे करने से नहीं आती है।’ आगे कहा गया है– कांग्रेस देश की अंखडता की रक्षा करने और देशवासियों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए रणनीतिक एवं कठोर कदम उठाने का वायदा करती है।
– 21वीं सदी में देश को सुरक्षित करने के लिए, सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ, अलावा डाटा सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, वित्तीय सुरक्षा, संचार सुरक्षा, व्यापार मार्गों को सुरक्षित करने की आवश्यकता है, कांग्रेस इन सभी क्षेत्रों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त नीतियां और कार्यक्रम बनाएगी।
– कांग्रेस रक्षा से संबंधित मामलों पर सरकार के प्रमुख सलाहकार के रूप में रक्षा स्टाफ के प्रमुख (सीडीएस) के कार्यालय की स्थापना करेगी।
– कांग्रेस राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद् और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) के कार्यालय को वैधानिक आधार प्रदान करेगी, इनकी शक्तियों तथा कार्यों को परिभाषित करेंगे, इनके अधीन कार्यरत् एजेसियां, संसद के प्रति जवाबदेह होंगी।
– भाजपा सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड को जनवरी 2015 से अक्टूबर 2016 के बीच अनिश्चिय की स्थिति में रखा और बाद में समाप्त ही कर दिया। कांग्रेस एन.एस.ए.वी. की पुनर्स्थापना करने के साथ ही उसे वैधानिक आधार प्रदान करेगी तथा विभिन्न क्षेत्रों के कार्यरत् विशेषज्ञों और पेशेवरों को सम्मिलित करेगी। कांग्रेस नेतृत्व पर निर्भर रहती है । राष्ट्रीय सुरक्षा खुद की सुनिश्चित करेगी कि सरकार और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद् को सलाह देने के लिए यह नियमित रूप से एक पेशेवर सलाहकार समूह के रूप में कार्य करें। – कांग्रेस रक्षा और सुरक्षा उपकरणों के निर्माण के लिए घरेलू क्षमता विकसित करने का वायदा करती है। हम सार्वजनिक क्षेत्र के अलावा निजी क्षेत्र की उन कंपनियों की विनिर्माण क्षमता बढ़ाएंगे, जिनके पास पूर्व योग्यता है, जो सुरक्षा एजेंसी द्वारा सुरक्षित और विश्वसनीय घोषित किये जा चुके हैं।
– कांग्रेस वायदा करती है कि रक्षा और सुरक्षा उपकरणों के घरेलू निर्माण की क्षमता का तेजी से विस्तार करेगी। हम सार्वजनिक क्षेत्रों में तथा पूर्व-योग्य निजी क्षेत्र की कंपनियों में सुरक्षा उपकरणों का उत्पादन करेंगे।
वहीं, आंतरिक सुरक्षा के मुद्दे पर पार्टी के मेनिफेस्टो में कहा गया कि कांग्रेस वायदा करती है कि वह सुरक्षा स्थिति पर सर्तक नजर रखेगी और भारत के हर नागरिक और आगंतुक को सुरक्षा की भावना प्रदान करने तथा कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए, हर संभव प्रयास और उपाय करेगी।
– आतंरिक सुरक्षा की कुंजी खुफिया तंत्र, सटीक विश्लेषण और त्वरित प्रतिक्रिया है । कांग्रेस ने इसे सदढ़ करने के लिए बहु संस्था केन्द्र और एन.एस.जी. क्षेत्रीय केन्द्र की स्थापना की थी, कांग्रेस ने राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी केन्द्र और नेटग्रिड की स्थापना भी प्रस्तावित की थी। इस सबके लिए शुरूआती तैयारी हो चुकी थी, लेकिन भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद इस पर न सिर्फ पानी फेर दिया बल्कि 5 साल भी खराब कर दिये। NCTC को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है और NATGRID को अभी तक शुरू नहीं किया जा सका है। कांग्रेस का वायदा है कि NCTC की स्थापना सिर्फ 3 महीने के भीतर कर दी जायेगी तथा NATGRID को साल के अंत अर्थात दिसम्बर 2019 तक शुरू कर दिया जायेगा।
– आंतरिक सुरक्षा को सबसे ज्यादा खतरा 1. आतंकवाद, 2.आतंकवादियों की घुसपैठ, 3. माओवादी/नक्सलवाद, 4. जातीय साम्प्रदायिक संघर्ष से है। कांग्रेस इन सभी खतरों से अलग-अलग तरीके से निपटेगी।i. हम आतंकवाद और आतंकी घुसपैठ को रोकने के लिए स्पष्ट दृष्टिकोण के साथ कठोरतम् उपाय करेंगे।ii. माओवाद/नक्सलवाद : माओवाद और नक्सलवाद से निपटने के लिए कांग्रेस दोहरी रणनीति अपनाएगी। हिसंक गतिविधियों को रोकने के लिए जहाँ एक तरफ कठोर कार्यवाही की जायेगी, वहीं दूसरी तरफ नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्य किये जायेंगे, जिससे कि प्रभावित क्षेत्र की जनता के साथ-साथ माओवादी कार्यकर्ताओं का दिल जीत कर मुख्यधारा में लाया जा सके।iii. जातीय साम्प्रदायिक हिं सा के मामले से निपटने के लिए कांग्रेस सरकार पुलिस की मदद से हिं सा भड़काने वालों या दंगाइयों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करेगी तथा उन्हें कानूनी तरीके से दण्डित करेगी। स्वयंभू सतर्कता समूहों और कानून को अपने हाथ में लेने वाले समूहों (Moral Policing) के लिए कोई स्थान नहीं होगा।
– कांग्रेस राज्य सरकारों के साथ मिलकर पुलिस बलों की ताकत बढ़ाने रिक्त पदों को भरने प्रशिक्षण की व्यवस्था करेगी, कानून और व्यवस्था बनाये रखने तथा अपराधियों पर नियंत्रण करने के लिए पुलिस बल को निष्पक्ष रूप से तैनात करेगी।
– कांग्रेस महिलाओं , अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर नियंत्रण के लिए कड़ी कार्यवाही करने का वायदा करती है। बिना किसी डर या पक्षपात के कानून का पालन किया जायेगा और अपराधियों को खुलेआम सड़को पर नहीं घूमने दिया जायेगा।
– साम्प्रदायिक दंगा, जातीय हिंसा, महिलाओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर अपराध तथा किसी भी प्रकार की कानून व्यवस्था टूटने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की है, कांग्रेस इसके लिए जिला प्रशासन को जवाबदेह बनायेगी।