कश्मीर: जमात-ए-इस्लामी पर बैन को लेकर केंद्र के विरोध में उतरीं महबूबा मुफ्ती

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में टेरर फंडिंग संस्थाओं पर कार्रवाई के बाद पूर्व सीएम और पीडीपी सुप्रीमो महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। महबूबा और पीडीपी कार्यकर्ता श्रीनगर में जमात-ए-इस्लामी संगठन पर बैन लगाए जाने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। आपको बता दें कि पुलवामा टेरर अटैक के बाद एक्शन में आई केंद्र सरकार ने आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन को घाटी में बड़े स्तर पर फंडिंग करने वाले संगठन जमात-ए-इस्लामी पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। केंद्र सरकार ने जमात-ए-इस्लामी के कई नेताओं को भी हिरासत में ले लिया है।
कश्मीर: सरकार के निशाने पर जमात-ए-इस्लामी, 70 ठिकाने होंगे सील
 

J&K: mehbooba mufti and PDP workers protest in Srinagar against the ban on Jamaat-e-Islami (Jammu & Kashmir) by the Central Government. pic.twitter.com/zvCceAKQOa— ANI (@ANI) March 2, 2019

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52 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्‍त‍ि को सील
इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर में उसकी 52 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्‍त‍ि को सील किया है। जमात-ए-इस्लामी पर यह कार्रवाई UAPA प्रॉपर्टी और एसेट्स प्रोविजन के तहत की गई है। केंद्र ने जमात-ए-इस्लामी की कई संस्‍थाओं की पहचान भी है। इन संस्थाओं में संगठन की ओर से स्कूल व कार्यालयों के साथ अन्य गतिविधियां भी चलाई जा रहीं थी। आपको बता दें कि इससे पहले भी सरकार ने दो बार जमात-ए-इस्लामी संगठन को प्रतिबंधित किया था। 1975 में पहली बार इस संगठन पर जम्मू कश्मीर सरकार ने कार्रवाई की थी, जबकि दूसरी बार केंद्र सरकार ने इस पर 1990 में बैन लगाया था।
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अलगाववादी नेताओं पर कार्रवाई
आपको बता दें कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की मदद करने वाले संगठनों और नेताओं पर सख्त कार्रवाई कर रही है। इससे पहले सरकार ने राज्य में अलगाववादी नेताओं पर कार्रवाई करते हुए न केवल उनकी सुरक्षा वापसी ले ली थी, बल्कि उनको हिरासत में भी लिया था।