एयर स्ट्राइक और चुनाव के बीच कोई संबंध नहीं, खुफिया एजेंसी के आधार पर आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई

नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना की ओर से आतंकी कैंपों पर की गई एयर स्ट्राइक के बाद सबूत मांगने की मांग जोरों पर है। विपक्ष के कई नेता हमले की तस्वीर मांग रहे हैं। विपक्ष सरकार पर एयर स्ट्राइक के जरिए चुनावी माइलेज लेने का आरोप लगा रहा है। लेकिन रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। रक्षामंत्री सीतारमण ने कहा कि एयर स्ट्राइक और लोकसभा चुनाव का कोई लेना देना नहीं है। ये दो अलग-अलग मुद्दे हैं। खुफिया एजेंसियों की सूचना के आधार पर पीओके में आतंकी कैंपों पर कार्रवाई की गई थी । उन्होंने कहा कि यह कोई सैन्य कार्रवाई नहीं थी।
 

Defence Minister Nirmala Sitharaman on IAF #AirStrike: There is no relationship between the airstrike and elections. It was based upon intelligence inputs on terrorist activities in Pakistan, to be unleashed against India. It was not a military action. pic.twitter.com/P48pfqQPPi— ANI (@ANI) March 5, 2019

वीके सिंह ने किया बड़ा खुलासा
गौरतलब है कि विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह ने एयर स्ट्राइक पर बड़ा बयान दिया । वीके सिंह ने कहा कि एयर स्ट्राइक में 250 आतंकी ढेर हुए थे और यह कार्रवाई सिर्फ एक जगह की गई है। उन्होंने आगे बताया कि भारतीय वायुसेना ने टारगेट को आबादी वाले इलाके से दूर सावधानीपूर्वक चुना था, ताकि कोई आम नागरिक स्ट्राइक के चपेट में न आए।
सिद्धू , ममता और सिब्बल ने उठाए सवाल
बालाकोट में सेना के एयर स्ट्राइक पर कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू, मनीष तिवारी, कपिल सिब्बल, ममता बनर्जी समेत कई नेताओं ने सवाल उठाए हैं। नवजोत सिंह सिद्धू ने ट्वीट कर मोदी सरकार से पूछा कि एयर स्‍ट्राइक में 300 आतंकी मारे गए हैं या नहीं? अगर नहीं तो फिर एयर स्‍ट्राइक का क्या मकसद था? क्या इसका मकसद सिर्फ पेड़ गिराना ही था।