एंटी-ट्राइबल कानून पर राहुल गांधी की टिप्पणी पर शिकायत, EC ने भेजा कारण बताओ नोटिस

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 की सियासी सरगर्मी में विवादितों टिप्पणियों की लहर थमने का नाम नहीं ले रही है। इस बार आचार संहिता के उल्लंघन करनेवाले बयानों के सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। इसी बीच राहुल गांधी ( Rahul Gandhi ) का आदिवासियों ( tribals ) के संबंध में एक विवादित बयान सामने आ रहा है। इस बयान पर चुनाव आयोग ( EC ) ने कांग्रेस अध्यक्ष गांधी को नोटिस भी जारी किया है। राहुल गांधी को जनजाति को लेकर दिए गए उनके बयान पर नोटिस भेजा गया है।
आयोग ने जारी किया कारण बताओ नोटिस
राहुल गांधी ने कहा था, ‘नरेंद्र मोदी सरकार ने एक नया कानून बनाया है जिसके तहत आदिवासियों को गोली मारी जा सकती है’ जिसके लिए निर्वाचन आयोग ने कारण बताओ नोटिस (Show Case Notice) जारी किया है। चुनाव आयोग के मुताबिक राहुल ने यह बयान बीते 23 अप्रैल को दिया था। आयोग ने बताया कि राहुल ने मध्यप्रदेश के शहडोल में एक जनसभा को संबोधित करते यह बयान दिया, जिससे राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों के लिए जारी आदर्श आचार संहिता के भाग (1) के अनुच्छेद (2) का उल्लंघन हुआ है।
राहुल गांधी का बयान
बता दें कि आदर्श आचार संहिता के इस प्रावधान से राजनीतिक विरोधियों पर ‘असत्यापित’ आरोप लगाने पर रोक लगाते हैं। बताया जा रहा है कि चुनाव आयोग ने यह कार्रवाई मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के दो नेताओं ओम पाठक और नीरज की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत पर की है। गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने शहडोल में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था, ‘अब नरेंद्र मोदी ने एक कानून बनाया है। जनजातियों के लिए एक नया कानून बनाया गया है, जिसमें एक पंक्ति लिखी हुई है कि अब जनजातियों पर हमले किए जाएंगे, आपकी जमीन ली जएगी। आपका वन लिया जाएगा, आपका पानी छीना जाएगा।’