आरजेडी में बगावत के सुर, लालू के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी!

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव का तीसरा चरण अब करीब है। यही वजह है कि राजनीतिक दल अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। ऐसे में सबसे बड़ी चुनौती अपने ही नेताओं को विवादित बयान देने से रोकना है। नेताओं के विवादित बयान अकसर दलों को मुश्किल में डाल देते हैं। इससे बचने के लिए पार्टी अनुशासन पर ज्यादा तवज्जो दे रही है। ताजा मामला बिहार से सामने आया है जहां राष्ट्रीय जनता दल यानी आरजेडी लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप पर कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
मुश्किल में सिद्धू! विवादित बयान पर चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस, 24 घंटे में मांगा जवाबपिछले लंबे समय से तेज प्रताप राजद के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं। कभी परिवार की कलह तो कभी विवादित बयान। तेज प्रताप की वजह से पार्टी को नुकसान का डर सताने लगा है। इस डर से निपटने के लिए पार्टी अब कड़ी रुख अख्तियार करने के मूड में है।
महीने भर से तेज प्रताप के खिलाफ कार्रवाई न करने की लाचारी भी साफ-साफ दिख रही है। राजद के बागी सवाल भी उठा रहे हैं कि पार्टी में दोहरा मापदंड क्यों है? आरजेडी छोड़ मधुबनी से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के टिकट पर चुनाव लड़ रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री अली अशरफ फातमी ने पूर्व पार्टी पर निशाना साधा है और पूछा है कि जिस जुर्म में अन्य नेताओं पर कार्रवाई कर दी जा रही है, उसी जुर्म में तेज प्रताप पर अबतक मेहरबानी क्यों है? लेकिन इन सब के बीच अब पार्टी ने तेज प्रताप के खिलाफ कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
मौसमः भारी बारिश से तेलंगाना में तबाही, एक की मौत कई घायलजल्द बन सकती है अनुशासन समितिसवालों से घिरी राजद के लिए अब जरूरत आ गई है तेज प्रताप पर जल्द से जल्द कार्रवाई कर कार्यकर्ताओं और नेताओं में सकारात्मक संकेत दे। ऐसे में सूत्रों की माने तो जल्द ही पार्टी में अनुशासन समिति का गठन हो सकता है।
 
तेज प्रताप ने ऐसे बढ़ाई मुश्किललालू के बड़े बेटे तेज प्रताप पिछले वर्ष से ही चर्चा में बने हुए हैं। पहले पत्नी ऐश्वर्या राय से तलाक लेने की अर्जी दाखिल की ओर अपने परिवार से वैचारिक संबंधों में अलगाव दिखाया। पिछले पांच महीने से मथुरा-वृंदावन की कई परिक्रमा कर चुके तेज प्रताप ने अपनी मां राबड़ी देवी के सरकारी आवास से भी दूरी बना रखी है। वहीं छोटे भाई तेजस्वी यादव को लेकर भी आए दिन वे कोई न कोई बड़ा बयान दे ही देते हैं। इसके अलावा टिकट बंटवारे में विवाद कर के भी तेज प्रताप ने काफी सुर्खियां बंटोरी। ऐसे में पार्टी और परिवार के सामने तेज प्रताप यादव के खिलाफ कार्रवाई की मजबूरी है। अब राजद के राष्‍ट्रीय उपाध्‍यक्ष शिवानंद तिवारी ने कहा है कि इस मामले पर विचार के लिए पार्टी अनुशासन समिति का गठन कर सकती है। ताकि भविष्य में किसी तरह की नुकसान पार्टी ना झेलना पड़े।Indian Politics से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter पर ..
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