आम आदमी जैसी जिंदगी जीने वाले बड़े नेता थे मनोहर पर्रिकर, एक नजर में जानिए उनका राजनीतिक सफर

नई दिल्ली। गोवा के मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता मनोहर पर्रिकर का निधन हो गया है। पर्रिकर पैंक्रियाटिक कैंसर (अग्नाशय) से पीड़ित थे। उनके निधन की खबर सुनते पूरे देश में शोक की लहर है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी ट्वीट कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। बता दें कि पर्रिकर आम आदमी जैसी जिंदगी जीने वाले एक बड़े नेता थे। आम आदमी उन तक सीधे पहुंच सकता था। 1955 को पैदा हुए पर्रिकर गोवा में बीजेपी के दिग्गज नेताओं में से एक थे। उनके नाम कई उपलब्धियां दर्ज हैं। आइए जानते हैं उनके राजनीतिक सफर के बारे में….
पर्रिकर की शिक्षा13 दिसंबर 1955 में गोवा के मापुसा गांव में पैदा हुए पर्रिकर का पूरा नाम ‘मनोहर गोपाल कृष्ण प्रभु पर्रिकर’ था। उनके पिता का नाम गोपाल कृष्ण पर्रिकर और माता का नाम राधा बाई पर्रिकर था। साल 2001 में उनकी पत्नी मेधा की भी कैंसर से ही मृत्यु हुई थी। उनके दो बेटे उत्पल और अभिजीत हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा लोयोला हाईस्कूल से ली थी। वे आईआईटी बॉम्बे से ग्रेजुएट थे। उन्होंने मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन की थी। बता दें कि पर्रिकर ऐसे पहले शख्स हैं जिन्होंने आईआईटी से ग्रेजुएशन किया।
राजनीतिक सफर
मनोहर पर्रिकर पढ़ाई के दौरान ही आरएसएस से जुड़ गए थे। वह आरएसएस की नॉर्थ गोवा यूनिट में सक्रिय थे। बीजेपी के सदस्य के रूप में उन्हें पहली बार साल 1994 में गोवा की विधानसभा के लिए चुना गया था। वहीं वह 1999 में जून से नवंबर तक विपक्ष के नेता रहे थे। साल 2000 में वह पहली बार गोवा के मुख्यमंत्री बने थे। लेकिन उनकी पहली सरकार फरवरी 2002 तक ही चल सकी। जून 2002 में दोबारा गोवा के सीएम बने। इस दौरान 2005 तक शासन किया। इसके बाद वह 2012 में उन्होंने दोबारा मुख्यमंत्री का पद संभाला। साल 2013 में पर्रिकर ने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में नरेंद्र मोदी का नाम प्रस्तावित किया था। 2014 में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद उन्हें रक्षा मंत्री का पद सौंपा गया।रक्षा मंत्री बनने के बाद उन्हें संसद सदस्य बनना जरुरी, जिसके बाद वे यूपी से राज्यसभा सांसद बने। इसके बाद 2017 में उन्होंने रक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया और एक बार फिर गोवा के मुख्यमंत्री बने। बता दें कि पर्रिकर आम आदमी जैसी जिंदगी जीने वाले एक बड़े नेता थे। मुख्यमंत्री रहते हुए वे कई बार स्कूटी से घूमते देखे गए थे।
पिछले साल फरवरी में यह पुष्टि हुई कि वे पैंक्रियाटिक कैंसर से पीड़ित हैं। उन्होंने गोवा, मुंबई, दिल्ली और न्यूयॉर्क के अस्पतालों में इलाज कराया।इसके बाद भी उनका जोश कम नहीं हुआ। वह लगातार बीमारी की हालत में काम करते नजर आते थे। घर और अस्पताल में काम करते हुए उनकी तस्वीरें अक्सर मीडिया में आती रहीं।