अरुणाचल प्रदेश: आजादी के बाद से इस गांव में नहीं हुआ था मतदान, 2019 में पहली बार लगा पोलिंग बूथ, हुई वोटिंग

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 में हर बार की तरह प्रचार-प्रसार, रैलियां-जनसभाएं, नेताओं के वादे और इरादे हो रहे हैं। लेकिन इसी बीच इस बार कुछ ऐसा हुआ जो इससे पहले कभी नहीं हुआ। दरअसल, इस बार अरुणाचल प्रदेश के एक गांव में स्वतंत्र भारत में पहली बार मतदान किया गया। राज्य के कुरुंग कुमे नाम के एक दूरस्थ गांव में साल 2019 में पहली बार पोलिंग बूथ लगा। इसके लिए सबसे अधिक श्रेय भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों को जाता है।
आसान नहीं था मतदान केंद्र तक का रास्ता
अरुणाचल प्रदेश के इस सुदूर जिले में गांव वालों ने लोकसभा चुनाव के पहले चरण में 11 अप्रैल को वोट डाला। हालांकि, यहां वोटिंग कराना इतना आसान नहीं था। चुनाव दल ने इसके लिए ITBP के जवानों के साथ 45 किलोमीटर का पैदल रास्ता तय किया। केंद्र तक पहुंचने के लिए पहाड़ी नदियां, वर्षा वन और घनी झाड़ियां के बीच गुजरना पड़ा। यही नहीं मतदान केंद्र का रास्ता कई झूला पुल और लकड़ी की सीढ़ियां से भी होकर गुजरता है। आपको बता दें कि इस दूर दराज वाले गांव तक पहुंचने के लिए 25 किलोमीटर का रास्ता चढ़ाई वाला और 10 किलोमीटर का रास्ता उतार वाला है।6 दिनों में पूरा हुआ रास्ता
इस दुर्गम रास्ते पर सफर करने में कई चुनौतियां थी लेकिन चुनाव अधिकारी के दल ने हार नहीं मानी और उनका हौसला बढ़ाया ITBP के जवानों ने। सबने साथ मिलकर इस कठिन रास्ते को तय किया और पहले चरण की वोटिंग संपन्न कराया। इस दौरान करीब 346 ग्रामीण पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करने में सफल रहे। गौरतलब है कि आने-जाने का कुल मिलाकर 90 किलोमीटर का रास्ता इन सभी ने 6 दिनों में पूरा किया।