अग्रिम जमानत के लिए 4 दिन में कोलकाता हाईकोर्ट का रूख करें GJM नेता: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। गोरखालैंड की मांग करने वाली गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (GJM) के नेता बिमल गुरुंग की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने गुरुंग समेत उनके साथी 6 नेताओं को कोलकाता हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। याचिका के लिए नेताओं को चार दिन का समय दिया गया है।
हाईकोर्ट को जल्द निपटारे का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट में इन नेताओं ने दलील दी है कि पश्चिम बंगाल की ममता सरकार इन्हे लोकसभा चुनावों से दूर रखने की साजिश कर रही है। इसी वजह से गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के लोगों पर कई फर्जी मामला चलाए जा रहे हैं। नेताओं की दलील सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता हाईकोर्ट को आदेश दिया है कि मोर्चा के इन नेताओं की अग्रिम जमानत की याचिका का निपटरा जल्द से जल्द करें।
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विरोध करने वालों पर केस कर रही सरकार: गुरुंग
बिमल गुरुंग समेत फरार चल रहे इन नेताओं ने अपनी याचिका में ये भी कहा था कि जो लोग पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी टीएमसी के सहयोगी बन गए, उनके मुकदमे रद्द किए जा रहे हैं। लेकिन जो लोग ऐसा नहीं कर रहे उनकी गिरफ्तारी की जा रही है। इस वजह से वे चुनाव में हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं।
क्या है पूरा मामला
पश्चिम बंगाल सरकार ने गुरुंग के खिलाफ दर्ज 53 केस की सूची दाखिल करते हुए कहा था कि वह अन्य 24 मामलों में जांच का सामना कर रहे हैं। राज्य की पुलिस ने दावा किया था कि गोरखालैंड की मांग के लिए दार्जिलिंग पहाड़ियों में हुई घटनाओं के बाद ही गुरुंग अपने साथियों के साथ फरार हो गए हैं।