अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सरकार का बड़ा फैसला, आशा कार्यकत्रियों और दाइयों का पारिश्रमिक बढ़ाया

देहरादून। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर उत्तराखंड में आशा कार्यकत्रियों व दाइयों को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने तोहफा दिया। जहां सीएम ने आशा कार्यकत्रियों का वार्षिक पारिश्रामिक पांच हजार से बढ़ाकर 17 हजार रुपए करने की घोषणा की। वहीं दाइयों के मासिक पारिश्रामिक को पांच सौ से बढ़ाकर एक हजार रुपए करने का वादा किया। जल्द ही इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आंगबाड़ी कार्यकत्रियों को स्मार्ट फोन व वजन मशीन का वितरण भी किया।
बता दें कि सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से स्मार्ट फोन का वितरण किया गया। उत्तराखण्ड उत्तर भारत का पहला राज्य है, जहां सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को स्मार्ट फोन से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए हैंडवॉश मेनुअल, सांप सीढ़ी के खेल व सुनहरे हजार दिनों के मैनुवल का विमोचन किया। इसके अलावा प्रचार सामग्री इफर्मेशन, एजुकेशन और कम्युनिकेशन (आईईसी) का विमोचन भी किया गया। 8 से 22 मार्च तक चलने वाले पोषण पखवाड़े का शुभारम्भ भी मुख्यमंत्री ने किया। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर इस साल की थीम ‘नव परिवर्तन के लिए समान सोंचे, स्मार्ट बनें’ रखी गई है।
मुख्यमंत्री आवास पर महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि समाज के सर्वागीण विकास के लिए महिलाओं का सशक्त होना जरूरी है। भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति में नारी के प्रति जो सम्मान का भाव है, आज पश्चिमी देश भी इसका अनुसरण कर आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को संस्कार देने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका मां की होती है। बाल्यावस्था के शुरुआती 5 साल में बच्चों पर संस्कारों का सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने मातृशक्ति से अपील की है कि बच्चों को नशे की प्रवृत्ति से दूर रखने की दिशा में भी सहयोगी बनें।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने पोषण अभियान व बेटी बचाओ अभियान में सराहनीय कार्य करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया। जिलाधिकारी टिहरी सोनिका को पोषण अभियान व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून निवेदिता कुकरेती को सखी ई-रिक्शा लॉन्च में अहम योगदान व पोक्सो में अपराधों के निवारण में सराहनीय कार्य के लिए सम्मानित किया गया।