नई दिल्ली। काफी जद्दोजहद के बाद गोवा के मुख्यमंत्री का नाम लगभग फाइनल हो गया है। गोवा के अगले मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत हो सकते हैं। सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि प्रमोद सावंत पर पार्टी के सभी नेताओं और सहयोगी दलों ने सहमति जता दी है। फिलहाल, गोवा विधानसभा के स्पीकर हैं सावंत। गौरतलब है कि सीएम की रेस में प्रमोद सावंत, विश्वजीत राणे और विनय तेंदुलकर का नाम सबसे आगे चल रहा था। वहीं, खबर यह भी आ रही है कि सुदीन धावलीकर और विजय सरदेसाई डिप्टी सीएम बन सकते हैं।
 

Vinay Tendulkar, Goa BJP Chief on reports that Goa Assembly Speaker Pramod Sawant to be next Goa CM: Aise mera bhi naam aa raha hai, sabka naam aa raha hai, aise to naam aate rahenge, abhi vidhayak baithenge aur decide karenge, aaj to pakka hojaega. pic.twitter.com/x8O1cOz89N— ANI (@ANI) March 18, 2019

BJP President Amit Shah,Union Minister Nitin Gadkari and BJP Goa MLAs including Pramod Sawant arrive at a Hotel in Panaji for a meeting pic.twitter.com/Wu1DSmE2c2— ANI (@ANI) March 18, 2019

—अपडेट—
– गोवा प्रदेश अध्यक्ष विनय तेंदुलकर ने कहा कि प्रमोद सावंत गोवा सीएम को लेकर सबका नाम लिया जा रहा है। मेरा भी नाम आ रहा है, प्रमोद सांवत का नाम आ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे तो नाम आते रहेंगे, अभी विधायकों की मीटिंग में सब साफ हो जाएगा। उन्होंने कहा आज तो पक्का सीएम का नाम फाइनल हो जाएगा।
– भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी, गोवा भाजपा विधायक और प्रमोद सावंत मीटिंग के लिए होटल पहुंच चुके हैं।
कई बार हुईं बैठकें
इससे पहले गोवा के अगले मुख्यमंत्री को लेकर सोमवार सुबह से ही भाजपा नेताओं की लगातार बैठकें हुई। लेकिन, शुरुआत में जिस नाम की चर्चा हो रही थी वो थे गोवा के प्रदेश अध्यक्ष विनय तेंदुलकर। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पार्टी के कुछ नेता विनय तेंदुलकर को गोवा का अगला सीएम बनाना चाहते थे।
गोवा विधानसभा का समीकरण
40 विधानसभा सीटों वाले गोवा में भाजपा के पास 12 विधायक हैं। वहीं भाजपा को गोवा फॉरवर्ड पार्टी और एमजीपी के तीन-तीन और एक एनसीपी विधायक का समर्थन हासिल है। इसके अलावा एक निर्दलीय उम्मीदवार भी भाजपा के समर्थन में है। वहीं, कांग्रेस के पास 14 विधायक हैं। भाजपा विधायक फ्रांसिस डिसूजा और रविवार को पर्रिकर के निधन और पिछले साल कांग्रेस के दो विधायकों सुभाष शिरोडकर और दयानंद सोपटे के इस्तीफे के कारण सदन में विधायकों की संख्या 36 रह गयी है। भाजपा के पास गोवा फॉरवर्ड पार्टी और एमजीपी सहित अन्य साथी दलों के समर्थन से 20 विधायक हैं। जबकि, कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी होने के कारण सरकार बनाने का दावा पेश कर रही थी।